मोहाली। जुआ खेलने के मामले में नामजद छह आरोपियों को जिला अदालत ने सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया है। आरोपी शेर ए पंजाब टैक्सी स्टैंड फेज-1 पर पैसों का दांव लगाकर ताश खेलते हुए पाए गए थे। अदालत में सुनवाई के दौरान सभी गवाहों ने माना कि बरामद नोटों की संख्या कहीं भी दर्ज नहीं की गई थी। यह भी स्वीकारा कि पैसे आरोपियों के पैरों के नीचे से बरामद किए थे और केंद्र यानी जुआ मैदान से कोई राशि बरामद नहीं हुई थी। वसूली के गवाहों में से एक के अलावा और कोई नहीं था जिसने कहा कि राशि आरोपियों की जेब से बरामद की गई थी।
वहीं दूसरे गवाह ने बरामदगी का स्थान ही बदल दिया और मामला फेज-6 का बताया, जबकि अभियोजन पक्ष की कहानी के अनुसार यह फेज-1 में ताश खेलते पकड़े गए थे। तीसरे गवाह ने कहा कि आरोपी व्यक्ति एक अस्थायी शेड में बैठे पाए गए थे।
अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी एक ही व्यक्ति है, यह एक घातक कमी है और ऐसे पुलिस अधिकारियों की गवाही पर बारीकी से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के अपराध को साबित करने में सक्षम है। अदालत ने कहा कि उपर्युक्त चर्चा के परिणामस्वरूप सभी अभियुक्त व्यक्तियों को उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों से बरी किया जाता है। 28 अक्तूबर-2019 को एसआई गुलजार सिंह अन्य पुलिस साथियों के साथ फेज-1 कमला मार्केट में टी-पाॅइंट मौजूद थे। उस समय उन्हें एक गुप्त सूचना मिली कि वरिंदर सिंह, सोनू, तरलोचन सिंह, संजय गुप्ता, रविंदर बेदी और अनिल कुमार शेरे पंजाब टैक्सी स्टैंड फेज-1 में पैसे का दांव लगाकर ताश खेल रहे हैं और अगर वहां छापा मारा जाए तो सभी को रंगे हाथों पकड़ा जा सकता है। पुलिस ने जब छापा मारा तो उक्त सभी आरोपियों को पैसे का इस्तेमाल करके ताश खेलते हुए पाया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ जुआ एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से यह मामला जिला अदालत में विचाराधीन था।