स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर परिषद, रोटरी क्लब के सहयोग से डेंगू व मलेरिया बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए निकाली गई रैली उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रबंधकों ने बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान किए बिना उनको तपती गर्मी में शहर में घुमाया। इस दौरान बच्चों को परेशानी आई। जिसका बच्चों के अभिभावकों व शहरवासियों ने नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. महेंद्र सिंह के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई। लेकिन तपती गर्मी में बच्चों को रैली के नाम पर वीआईपी के इंतजार में काफी देर तक पहले अस्पताल में बैठाए रखा गया। इसके बाद बच्चों को जागरूकता तख्तियां हाथ में पकड़ा कर बस स्टैंड, अनाज मंडी से लेकर पूरे शहर में घुमाया गया। रैली में गुरनाम सिंह सैनी सरकारी हाई स्कूल व कई निजी स्कूलों के बच्चों ने हिस्सा लिया।
भीषण गर्मी के बीच निकाली गई जागरूकता रैली दौरान बच्चे गर्मी से बेहाल नजर आए। आलम यह था कि बच्चों ने गर्मी से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए पकड़ी तख्तियाें से धूप से बचते नजर आए। इसके अलावा बच्चें रास्ते में पानी की तलाश व धूप से बचने के लिए छाया तलाशते रहे। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेता अपनी फोटो लगवाने व बड़े नेताओं के आगे अपने नंबर बनाने की होड़ में बच्चों को गर्मी में धकेल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली अगर करनी जरूरी थी तो इसके लिए सुबह का समय भी रखा जा सकता था। उन्होंने बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करते-करते उनके बच्चे बीमार न हो जाएं इसकी ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इससे पहले सीपीएस एवं हलका विधायक एनके शर्मा ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसमें मोहाली की सिविल सर्जन डॉ. नीलम भारद्वाज, एसडीएम शिव कुमार, नगर परिषद के प्रधान भूपिंद्र सैनी, नप के कार्यकारी अधिकारी राजेश शर्मा, उपप्रधान हरजिंद्र सिंह रंगी, रोटरी क्लब के प्रधान गुरदीप सिंह चहल, भूपिंद्र सिंह डाहरी नोडल अफसर मौजूद रहे। लेकिन किसी ने बच्चों की परेशानी की ओर ध्यान नहीं दिया।