मोहाली। अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए बैड मिलना तो मुश्किल हो ही रहा है, वहीं श्मशान घाट में भी अंतिम संस्कार के लिए शवों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार विद्युत शवगृह में किया जाता है, लेकिन जो परिवार शव का अंतिम संस्कार लकड़ियों से करना चाहते हैं उन्हें खुली जगह में शव का दाह संस्कार करना पड़ रहा है।
अप्रैल में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। 15 दिन में 46 से ज्यादा कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार मोहाली के श्मशान घाट में किया जा चुका है। ऐसे में श्मशान घाट में कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए अलग से खुले में जगह दी गई है। श्मशान घाट के कर्मचारियों का कहना है कि खुले में अंतिम संस्कार के दौरान बारिश हुई तो परेशानी होगी। हालांकि निर्धारित की गई अलग जगह में अंतिम संस्कार के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। अगर मौतों का आंकड़ा इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में अंतिम संस्कार को लेकर भी परेशानी हो सकती है।