लोगों को संबोधित करते दीपेंद्र ढिल्लों।
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जीरकपुर। नगर परिषद चुनाव 14 फरवरी को होने की घोषणा होते ही प्रत्याशियों ने अपने-अपने मतदाताओं को लुभाना शुरू कर दिया है। शनिवार को देर रात हुई नगर परिषद चुनाव की घोषणा के बाद अगले ही दिन चुनाव का प्रचार शुरू हो गया। चुनावों में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशी लोगों के काम करवाने का वादा कर देते हैं और लोगों को बेवकूफ बनाकर जीतने के बाद आम लोगों को फिर पूछते भी नहीं। इसका एक उदाहरण आज ही सामने आया।
दरअसल जीरकपुर के वीआईपी रोड पर रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों ने पैसे जमा करके अपनी समस्याएं हल करवाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित कर स्टेज तैयार किया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनी समस्याएं हल करवाने के लिए हलका कांग्रेस इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढ़िल्लों को बुलाया था, ताकि उनकी रेहड़ी-फड़ी वीआईपी रोड पर ही लग सकें और वह अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। लेकिन इस कार्यक्रम में स्टेज पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कब्जा करके अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया और इस स्टेज को राजनीतिक रंग दे दिया।
इसके बाद अंत तक पार्टी की खूबियां और अपने विकास कार्य गिनाकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने वहां मौजूद रेहड़ी फड़ी वालों की समस्या को अनसुना कर दिया और आखिर में यह कार्यक्रम खत्म हो गया।
उनकी समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। इन्हें हल करवाने के लिए दीपेंद्र सिंह ढ़िल्लों ने अश्वासन तो दिया, लेकिन रेहड़ी-फड़ी वाले उनकी बातों से सहमत नहीं हैं। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए हलका कांग्रेस इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढ़िल्लों ने कहा कि जीरकपुर एरिया में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरुरत है। आज तक जीरकपुर के लोगों को गलियों-नालियों और सीवरेज की सुविधा तक पूरी नहीं मिल सकी। हालांकि जब से नगर काउंसिल जीरकपुर बना है, तब से काउंसिल पर अकालीदल और भाजपा का कब्जा रहा है और उन्होंने शहर की गली-नालियां तक नहीं बनवाई। अकाली विधायक एनके शर्मा और उनके पार्षद अपने ही विकास में लगे रहे, जबकि जीरकपुर को अस्पताल, कॉलेज और बस स्टैंड और बस सर्विस की जरूरत है।