मोहाली। पंजाब सरकार और गमाडा द्वारा किसानों की दस हजार एकड़ के करीब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ सोमवार को गमाडा दफतर के बाहर कांग्रेस पार्टी द्वारा धरना दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिग्रहण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग उठाई। पूर्व मंत्री बलबीर सिद्धू की अगुवाई में दिए गए धरने में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा विशेष तौर पर पहुंचे।
उन्होंने धरने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे किसानों को समर्थन देते हुए उनको हर मदद देने का एलान भी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों पर जबरन जमीन अधिग्रहण थोप रही है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं और उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में आगे रही है और आगे भी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह प्रक्रिया तुरंत नहीं रोकी तो कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष को और तेज करेगी और हर मंच पर किसानों की आवाज उठाएगी। सिद्धू ने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है और गमाडा के माध्यम से किसानों की जमीन जबरदस्ती अधिग्रहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करने में लगी है। उन्होंने गमाडा की उस नीति पर भी सवाल उठाए जिसमें कोने या पार्क के सामने प्लॉट लेने वालों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने भी सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी जमीन बचाने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इस मौके हरकेश चंद शर्मा, मेयर जीती सिद्धू ने भी अपने विचार रखे।