खरड़। मनरेगा का नाम बदलकर नई नीति लागू किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने खरड़ में जोरदार प्रदर्शन किया। भारी संख्या में पहुंचीं महिलाओं और अन्य लोगों ने केंद्र की नीतियों की आलोचना की। प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्र की इस नीति को गरीब विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य गरीबों को 100 दिन का रोजगार देना था, जो कोरोना काल में लाखों परिवारों का पेट भरने और जीविका सुनिश्चित करने में मददगार साबित हुआ। जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा की अगुवाई में आयोजित प्रदर्शन में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है।
रोजगार की संख्या बढ़ाने के दावे केवल कागजी हैं। लुधियाना जिले की मिसाल देकर उन्होंने कहा कि लाखों मनरेगा कार्डधारकों में से बहुत कम परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार मिला है। नई नीति के तहत कामों की किस्म बदलने, मोबाइल एप और बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने से मजदूरों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा केंद्र द्वारा राज्यों पर 40 प्रतिशत हिस्सेदारी लगाने को भी गरीब विरोधी कदम करार दिया गया। राजा वड़िंग ने पंजाब सरकार से मांग की है कि बजट में मनरेगा के लिए पूरा फंड रखा जाए ताकि गरीब मजदूरों का रोजगार सुरक्षित रहे और कोई परिवार आर्थिक तंगी का शिकार न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपनी नीति में सुधार नहीं किया तो कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में पंजाब के हर जिले में संघर्ष करेगी।
राजा वड़िंग ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों और मजदूरों के हित के लिए हमेशा खड़ी रहेगी और उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी। इस मौके पर हलका इंचार्ज विजय शर्मा टिंकू, रणजीत सिंह जीती पडियाला, उदयवीर सिंह ढिल्लों, बन्नी कंग, रूबी सिद्धू, कुलजीत बेदी, निर्मल सिंह सैणी, परमिंदर सोना और महिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्णजीत कौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्र की नई नीति को गरीब विरोधी बताकर जोरदार नारे भी लगाए।