जीरकपुर, डेराबस्सी, लालडू, बनूड़ नगर काउंसिल की हद में विज्ञापन करने के लिए रखी खुली बोली का मामला अब तूल पकड़ गया है। शनिवार को कांग्रेसी नेता दीपइंदर ढिल्लों ने बोली का विरोध करने वाले प्रबंधकों के हक में आते हुए हलका विधायक एनके शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अकाली दल की ओर से इन चारों काउंसिलों में अन्य पार्टी अपने बैनर, पोस्टर व अन्य प्रचार सामग्री न लगा सकें।
जीरकपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेसी नेता दीपइंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि नगर काउंसिल की ओर से ई-टेंडरिंग की जगह जानबूझकर खुली बोली रखी गई। जबकि सरकार की नोटिफिकेशन के अनुसार दो लाख से अधिक की बोली के लिए ठेका ई-टेंडरिंग के माध्यम से दिया जाता है। अधिकारियों ने सियासी दबाव में आकर पहले रिजर्व प्राइस, शर्तें व अन्य सूचना सार्वजनिक नहीं की, ताकि अन्य कोई बोली में हिस्सा न ले सकें।
ढिल्लों ने आरोप लगाया कि ऐसा करके अधिकारियों ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए 30 करोड़ रुपये टर्नओवर की शर्त रखी, जिसे कोई भी मौके पर पूरा न कर पाए। उन्होंने कहा कि नगर काउंसिल इस ठेके को अपने एक चहेते को एक करोड़ रुपये में देने की तैयारी में थी, दूसरों द्वारा इसका विरोध किए जाने पर रकम को बढ़ाकर एक करोड़, 80 लाख कर दिया गया। चंडीगढ़ की विज्ञापन कंपनी टक्श मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने टेंडरिंग की सभी शर्तों का पालन न करने का विरोध किया तो उनको जबर्दस्ती बाहर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि वह इसके खिलाफ सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
अन्य जगहों पर हो चुकी है ईं-टेंडरिंग
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेसी नेता ढिल्लों ने कहा कि इन्हीं चार नगर काउंसिल की बोली खुली की गई है। जबकि मोहाली, पटियाला, अमृतसर एवं लुधियाना नगर निगमों की ओर से विज्ञापन के लिए ठेका ई-टेंडरिंग द्वारा दिया गया है। इसके अलावा पटियाला में नगर निगम द्वारा दिए गए ठेके से करीब पांच करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर और मोहाली के लिए सालाना टर्नओवर दो करोड़ रखा जा चुका है। जबकि इनके लिए भी खुली बोली नहीं की गई।
खुली बोली के लिए पहले ही उच्चाधिकारियों से मंजूरी ली गई थी। 30 करोड़ रुपये की टर्नओवर सुरक्षा के लिहाज से रखी गई।
- परविंदर सराओं, कार्यकारी अधिकारी, जीरकपुर नगर काउंसिल।
ऐसा कुछ नहीं। बोली लगाने वालों के लिए अखबारों में बोली संबंधी जानकारी पहले ही दे दी गई थी। कांग्रेसी नेता दीपइंदर ढिल्लों सियासी फायदा लेने के लिए ऐसे लोगों का सहारा लेकर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। जबकि हलके की जनता उन्हें अच्छी तरह से जानती है और वह उनके धोखे में नहीं आएगी।
-एनके शर्मा, सीपीएस व विधायक, हलका डेराबस्सी।