जीरकपुर। होली का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजार रंगों से सराबोर नजर आने लगे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक में खरीदारी को लेकर खासा उत्साह है। वीआईपी रोड, अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे और पीरमुछल्ला स्थित डी-मार्ट के आसपास की दुकानों पर रंग-गुलाल, पिचकारी और स्प्रे की भरमार है। खास बात यह है कि इस बार बाजार में इलेक्ट्रिक पिचकारी और स्पाइनर गन जैसे नए उत्पाद भी उपलब्ध हैं, जो बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार, इस बार अधिकांश रंग-गुलाल और पिचकारी उत्तर-प्रदेश के हाथरस से मंगवाए गए हैं। हाथरस देश की बड़ी होली उत्पाद मंडियों में से एक माना जाता है, जहां से तैयार माल देशभर में सप्लाई होता है। वीआईपी रोड के दुकानदार राहुल ने बताया कि दिसंबर माह में ही ऑर्डर दे दिए गए थे, जिसके चलते समय पर माल पहुंच गया है।
प्रत्येक पिचकारी की अपनी खासियत
अंबाला- चंडीगढ़ रोड के दुकानदार बनवारी लाल ने बताया कि बाजार में एक हजार से अधिक प्रकार की पिचकारी उपलब्ध हैं। इलेक्ट्रिक पिचकारी में सेल लगे होते हैं, जिनमें पानी व रंग भरते ही स्वत: रंग निकलता है। वहीं स्पाइनर गन बच्चों को खास लुभा रही है, जो तेज धार से रंग उड़ाती है। डंडे वाली पिचकारी छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित और आसान मानी जा रही है। लंबी और छोटी पिचकारी सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं, जिससे हर वर्ग के लोग खरीदारी कर सकें। बाजार में स्प्रे वाले सिलिंडर, रंगीन गुब्बारे और विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी उपलब्ध हैं। पीरमुछल्ला स्थित डी-मार्ट क्षेत्र के दुकानदारों ने सलाह दी कि स्प्रे सिलिंडर का उपयोग छोटे बच्चों को अकेले नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन्हें रिफिल कराया जाता है और बड़ों की निगरानी जरूरी है।
मेड इन इंडिया उत्पादों की बढ़ी मांग
व्यापारियों का कहना है कि इस बार ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की मांग बढ़ी है। आर्गेनिक रंग और गुलाल ग्राहकों की पहली पसंद बने हैं। ये रंग फूलों और प्राकृतिक फलों से तैयार किए गए हैं, जो त्वचा के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। इसके अलावा होली थीम की टोपी, टी-शर्ट और कैप भी बाजार में पहुंच चुकी हैं। त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है और रंगों की यह बहार शहरवासियों के उत्साह को और भी दोगुना कर रही है।