मोहाली। सफाई का ठेका निजी कंपनी को देने के विरोध में सफाई मुलाजिमों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान कर्मियों ने लोगों के घरों से कचरा नहीं उठाया।
सफाई मुलाजिमों ने बैठक में फैसला लिया है कि अगर उनकी मांगें न मानी गई तो सोमवार को मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के घर का घेराव किया जाएगा। सफाई मजदूर फेडरेशन के प्रदेश महासचिव पवन गोडियाल ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले कई वादे किए थे, लेकिन पूरा नहीं किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम के अधीन 50 वार्ड आते हैं। इसमें पूरा शहरी क्षेत्र शामिल है। सफाई न होने से सड़कों के किनारे और बाजारों में कूड़े के ढेर लगना शुरू हो गए हैं। अगर इसी तरह चलता रहा तो सोमवार तक हालात और बिगड़ जाएंगे। बाजारों में लगे कूड़ेदान काफी छोटे हैं। इनमें सिर्फ एक ही दिन का कचरा आता है। फेज-3बी1, 3बी2, सात और दो में परेशानी शुरू हो गई है।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि उनकी सरकार से एक ही मांग की है जून महीने में जो सफाई का ठेका नए सिरे से दिया जाना है, वह निजी कंपनी या ठेकेदार को न दिया जाए। इसकी जगह पर नगर निगम खुद सफाई काम करवाए। सफाई कंपनियां या ठेकेदार मुलाजिमों का शोषण करते हैं। इससे सरकारी खजाने को भी नुकसान पहुंचता है। मोहाली शहर की सफाई का सालाना ठेका 13 से 15 करोड़ रुपये तक होता है।
खरड़ में भी हालत खराब, सड़कों पर गंदगी
खरड़ में सफाई मुलाजिम हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। खरड़-चंडीगढ़ हाईवे, मुख्य बाजार और सभी रिहायशी क्षेत्र की सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे उठने वाली बदबू से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है और बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।