जीरकपुर। बढ़ती गंदगी, दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान शहरवासियों को अब जल्द राहत मिलने वाली है। नगर परिषद जीरकपुर ने शहर में रोजाना निकलने वाले कूड़े के तत्काल निपटान के लिए नई व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 8.9 करोड़ रुपये की लागत से एक कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है।
नगर परिषद जीरकपुर के म्यूनिसिपल इंजीनियर चरण पाल सिंह के अनुसार, फिलहाल शहर से प्रतिदिन लगभग 90 टन कूड़ा निकलता है। निस्तारण व्यवस्था कमजोर होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए थे, इससे लोगों को बदबू और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब नई कंपनी इस कूड़े का उसी दिन निपटान करेगी ताकि शहर में स्वच्छता बनी रहे। नई योजना के तहत नगर परिषद ने तय किया है कि कंपनी को प्रति टन 2416 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके लिए 110 छोटी गाड़ियां और 25 ट्राइसाइकिलें तैनात की जाएंगी जो हर वार्ड से रोजाना कूड़ा उठाकर सीधे प्रोसेसिंग साइट पर पहुंचाएंगी। वहां कूड़े की छंटाई और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा ताकि पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
नगर परिषद ने बताया कि कूड़ा प्रबंधन के लिए विभानपुरा डंपिंग ग्राउंड में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जहां नई तकनीकी से नया छंटाई सिस्टम लगाया जाएगा। इसके साथ ही हर घर में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया जाएगा, जिससे यह पता चल सकेगा कि किस घर से कूड़ा कब उठाया गया। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था शुरू होने के बाद न केवल सड़कों और गलियों से कूड़ा गायब होगा बल्कि प्रदूषण पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
नगर परिषद जीरकपुर के अधिकारियों ने कहा कि यह प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक बड़ा कदम है और इसके लागू होने से जीरकपुर शहर की सफाई व्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि परिषद का लक्ष्य है कि जीरकपुर को आने वाले समय में “क्लीन एंड ग्रीन सिटी” के रूप में पहचान दिलाई जाए।