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नगर काउंसिल ने सार्वजनिक किया वार्डबंदी का नक्शा

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जीरकपुर। नगर काउंसिल चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। क्योंकि वार्डबंदी को लेकर कांग्रेसी और अकाली आमने-सामने हो गए हैं। वहीं, पंजाब सरकार की तरफ से वार्डबंदी सूची जारी कर नक्शा को आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए वीरवार को नगर काउंसिल कार्यालय में सार्वजनिक कर दिया गया है। पांच दिन का समय देकर नई वार्डबंदी संबंधी आपत्तियां पांच अगस्त तक मांगी गई हैं और बाद में इसे फाइनल किया जाएगा।
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बता दें कि शहर के 31 वार्डों के नंबर के साथ क्षेत्र भी फेरबदल किए गए हैं। सरकार की पॉलिसी के तहत 31 वार्डों में से 15 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। नगर काउंसिल के ईओ संदीप तिवारी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जिसे वार्डबंदी पर आपत्ति है, वह कार्यालय के निर्धारित समय के दौरान सुपरिंटेंडेंट बलविंदर सिंह के पास पांच अगस्त तक लिखित में अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकता है।
पांच दिन में तीन छुट्टियां मिले सिर्फ दो दिन
विधायक एनके शर्मा का कहना है कि नियम के मुताबिक वार्डबंदी करने के बाद भी आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय देना जरूरी होता है। परंतु जानबूझकर कर पांच दिन का समय दिया गया है, जिसमें से तीन छुट्टियां हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो लोगों को आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए महज दो दिन का ही समय मिलेगा।
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महिलाओं के लिए ये वार्ड हैं आरक्षित
जीरकपुर नगर काउंसिल के 31 वार्डों के लिए तैयार की गई प्रस्तावित वार्डबंदी के अनुसार वार्ड नंबर 1, 3, 4, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19, 21, 23 और वार्ड-27 को महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है। वार्ड-2, 6, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 28, 30 और वार्ड-31 को जनरल वार्ड रखा गया है, जबकि वार्ड-29 को बीसी (बैकवर्ड क्लास) के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा वार्ड-8 और 26 को एससी पुरुषों आरक्षित रखने के साथ ही वार्ड-25 को एससी महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है।
विधायक एनके शर्मा ने उठाए सवाल
वार्डबंदी पर सवाल उठाते हुए विधायक एनके शर्मा ने कहा कि नगर काउंसिल जीरकपुर की दोबारा वार्डबंदी करवाने के लिए जारी किए गए सर्कुलर संबंधी उप मंडल मजिस्ट्रेट डेराबस्सी का पत्र सीधे तौर पर जेनिस ऑफ इंडिया सर्कुलेशन का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के इस नोटिफिकेशन के अनुसार जनगणना के काम के दौरान और जनगणना के काम खत्म होने से पहले किसी भी हालत में नगर काउंसिल की वार्डबंदी दोबारा नहीं की जा सकती है। उन्होंने इस नई वार्डबंदी को कांग्रेस सरकार की सोची समझी साजिश बताया है। शर्मा ने कहा कि यह वार्ड नंबर जनगणना 2011 के अंतर्गत की गई है और वार्डबंदी करते समय वार्डों के नंबर ही नहीं बदले जा सकते हैं। लेकिन नई वार्डबंदी में क्षेत्र भी बदल दिए गए हैं और नेशनल हाईवे को भी पार कर वार्ड बनाए गए हैं। इसके चलते लोगों के आधार कार्ड पर वार्ड नंबर लिखे हुए हैं। लोगों को अब वार्ड नंबर ठीक करवाने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ेगी।
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