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Mohali News: फाइलों में चल रही सिटी बस सेवा, ऑटो-कैब संचालक करते हैं मनमानी

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मोहाली। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत ऐसी है कि लोगों को रोजाना सफर के लिए ऑटो और चंडीगढ़ की सीटीयू बसों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। मोहाली में कई सालों से सिटी बस सर्विस शुरू करने के दावे होते रहे, पर अभी तक मामला सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। हालत यह है कि रोज कार्यालय जाने वाले लोगों से लेकर छात्रों तक को सीटीयू बसों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। दूसरी तरफ पंचकूला में निगम की अपनी बसें आराम से चल रही हैं, जिससे वहां के लोगों को बड़ी राहत है।
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मोहाली के अलग-अलग सेक्टर और फेज में रहने वाले लोग बताते हैं कि ऑटो वालों का किराया बहुत ज्यादा है। सीटीयू की बसें हर रूट पर नहीं मिलतीं। कई बार बसों की कमी से लोग आधे-आधे घंटे तक स्टैंड पर खड़े रहते हैं। इसके बावजूद बार-बार बस सेवा शुरू करने का वायदा करके फाइलें ही घुमाई जा रही हैं। पंचकूला का उदाहरण सामने होते हुए भी यहां प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मोहाली की आबादी लगातार बढ़ रही है और ऑटो-सीटीयू पर निर्भर रहना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। अगर जल्द ही अपनी सिटी बस सर्विस शुरू नहीं हुई तो आने वाले वक्त में ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या और बढ़ेगी।



कब तक चलेगा ऑटो वालों का मनमाना राज
मोहाली के सेक्टरों और गांवों से रोज शहर आने वाले लोग रमेश कुमार, अंजना सिंह, सुखविंदर सिंह कहते हैं कि ऑटो वालों के मनमाने किराए से परेशान हैं। छोटी-सी दूरी का भी किराया 100 रुपये तक देना पड़ता है। खराब मौसम में दोगुना किराया कैब और ऑटो वाले वसूल करते हैं। वहीं सीटीयू बसें भी हर वक्त उपलब्ध नहीं होतीं। लोगों का कहना है कि पंचकूला जैसे मॉडल पर यहां भी अपनी बसें चलाई जाएं तो रोजमर्रा की परेशानी से बड़ी राहत मिल सकती है। जसविंदर सिंह तो यहां तक कहते हैं कि मोहाली को मॉडर्न सिटी बनाने के लिए सबसे पहले ट्रांसपोर्ट की दिक्कत खत्म करनी होगी।
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सीटीयू की सीमित है बस सेवा
मोहाली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का हाल ऐसा है कि सीटीयू की बसें भी सिर्फ चुनिंदा रूट्स पर ही चल रही हैं। कुछ गिने-चुने इलाकों में ही स्टॉप तक बस पहुंच पाती है, बाकी के सेक्टर और फेज पूरी तरह से इनसे कटे हैं। जिन इलाकों में बस जाती भी है, वहां उसका टाइम फिक्स न होने से लोगों को इंतजार करना पड़ता है। नतीजा यह है कि ज्यादातर लोग मजबूरी में ऑटो पर निर्भर हैं, जिनका किराया जेब पर भारी पड़ता है।


मोहाली जैसे बड़े शहर में आज तक अपनी बस सेवा शुरू न होना प्रशासन की लापरवाही को दिखाता है। लोग मजबूरी में ऑटो और सीटीयू पर निर्भर हैं। अगर जल्द ही लोकल बसें शुरू नहीं हुईं तो ट्रैफिक और पॉल्यूशन की समस्या और बढ़ेगी। -संजीव राबड़ा, अध्यक्ष, भाई घन्हैया जी केयर सर्विस एंड वेलफेयर सोसाइटी


पंचकूला की तरह मोहाली में भी निगम की बसें चलनी चाहिए। हर सेक्टर और गांव तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट पहुंचाना जरूरी है, तभी लोग ऑटो वालों की मनमानी से बच सकेंगे। - गुरमेल मौजोवाल, अध्यक्ष, भगत पूरन सिंह वातावरण संभाल सोसाइटी

लोगों को रोजाना सफर के लिए महंगे ऑटो लेने पड़ते हैं। स्टूडेंट्स और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा रह जाएगा। - बख्शीश सिंह, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए फेज-11



सीटीयू की सीमित बसें मोहाली की बढ़ती आबादी के लिए काफी नहीं हैं। अपनी बस सर्विस शुरू की जाए और हर सेक्टर-कॉलोनी को कवर किया जाए, ताकि लोगों को सस्ता और सुरक्षित सफर मिल सके। -कमलजीत सिंह, समाजसेवी
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