मोहाली। सेक्टर-34ए चंडीगढ़ के एक इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई वीजा दिलाने के नाम पर पैसे लेने और फिर चेक बाउंस होने के बाद की गई है। एनआरआई थाना मोहाली ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एनआरआई विंग पंजाब के आदेश पर दोबारा जांच के बाद एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने आरोप लगाया कि अवोक वीजा कोर्ट ने ऑस्ट्रेलिया के सब क्लॉस-482 वीजा प्रक्रिया का भरोसा दिया। कंपनी ने उनसे करीब 2.5 लाख रुपये लिए, लेकिन तय सेवाएं उपलब्ध नहीं कराईं। भुगतान के बाद वीजा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और न ही स्पष्ट जानकारी दी गई।
मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। समझौते के तहत गुरदीप सिंह को 1.70 लाख रुपये लौटाने के लिए यस बैंक का चेक दिया गया। यह चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद गुरदीप सिंह ने समझौता समाप्त माना। उन्होंने अपनी पहले बंद की गई शिकायत दोबारा खोलने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एनआरआई विंग के आदेश पर शिकायत की दोबारा जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर एनआरआई थाना मोहाली में आरोपी प्रशांत कुमार सहित संबंधित पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। यह मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2), 318(4) और पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल्स रेगुलेशन एक्ट 2014 के तहत दर्ज किया गया है।
कोट्स
इमिग्रेशन कंपनी पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -सुरिंदर कुमार, जांच अधिकारी एनआरआई विंग