शहर के लोगों को अभी नीड बेस्ड पॉलिसी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। पहले जहां मार्च अंत तक पॉलिसी तैयार होनी थी। वहीं अब पॉलिसी तैयार होने में करीब पंद्रह दिन का और समय लग सकता है। यह जानकारी सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया की इस पॉलिसी को लेकर सीएम प्रकाश सिंह बादल से उनकी मुलाकात हो चुकी है। वहीं, अकाली दल के हलका इंचार्ज हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा ने खुद इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। मीटिंग में जहां गमाडा व निगम के अधिकारी के मौजूद थे। वहीं, इलाके के बीजेपी व अकाली दल के पार्षदों ने भी अपनी समस्याओं को सुनाया।
मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मीटिंग में पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी, अरुण शर्मा, अशोक झा, परमजीत सिंह काहलो, कमलजीत सिंह रूबी, सुरिंदर सिंह रोडा, परमिंदर सिंह तसिंबली और अकाली वर्कर मौजूद थे।
बिजली-पानी के सुधार पर खर्च होंगे सौ करोड़
सांसद ने बताया गया कि शहर में बिजली और पानी की सप्लाई में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने अलग-अलग स्कीमों के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। केंद्र की तरफ से एपीडीआरपी स्कीम के तहत जिले के लिए 40 करोड़ और जिला रोपड़ के लिए 10 करोड़ जारी किए गए हैं। इसके तहत बिजली सप्लाई के बुनियादी ढांचों की देखरेख और मरम्मत के काम किए जाएंगे।
शहर की सभी तारें होगी अंडरग्राउंड
उन्होंने बताया कि मोहाली को चंडीगढ़ के साथ जोड़ने वाली सभी मुख्य सड़कों के किनारे पर बिजली सप्लाई की तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। गांवों में बिजली सप्लाई की हालत में सुधार के लिए केंद्र सरकार की दीन दयाल उपाध्याय स्कीम के अंतर्गत तीन करोड़ की रकम जारी की जा चुकी है।
52 करोड़ से दूर होगी पानी की समस्या
शहर में पेयजल आपूर्ति में सुधार करने के लिए केंद्र सरकार की अमृत स्कीम के अंतर्गत 52 करोड़ की रकम जारी कर दी गई है। इसके साथ जहां शहर में पीने वाले पानी की सप्लाई वाली पाइपों को बदल कर नई पाइपें डाली जाएंगी। वहीं शहर में अलग-अलग स्थानों पर बूस्टर पंप लगाए जाएंगे। साथ ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की पुरानी मशीनरी की जगह नई मशीनरी लगाई जाएगी। साथ ही शहर में सात नए और कुछ समय पहले खराब हुए आठ ट्यूबवेलों को भी तुरंत चालू करवाया जाएगा।
चंडीगढ़ की तर्ज पर बनेंगे स्टोरेज टैंक
उन्होंने कहा कि अगले साल शहर में पानी की कमी की समस्या को हल के लिए चंडीगढ़ पैटर्न पर एक और प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। यहां कम से कम दो दिन की जरूरत का पानी स्टोर करने की क्षमता वाले टैंक बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव बलौंगी में गंदे पानी की निकासी के लिए वहां स्ट्राम और सीवरेज के काम के लिए भी पूडा की तरफ से मंजूरी दे दी गई है।