मोहाली। शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए अब नगर निगम लालड़ू स्थित पशु पालन विभाग के कैटल पोंड का प्रयोग करेगा। वहां पर जाने वाले पशुओं को बारिश या ठंड से बचाने के लिए शेड डाले जाएंगे। इस काम पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी वीरवार को हाउस की मीटिंग में नगर निगम कमिश्नर कमल कुमार गर्ग ने दी।
हाउस की मीटिंग में पार्षद हरपाल चन्ना ने कहा कि अगर निगम पशुओं को पकड़ नहीं सकता है तो गाड़ियां बंद करा दे क्योंकि ऐसा करके नगर निगम हर महीने लाखों रुपये खर्च कर रहा है। फिर पार्षद सुखदेव पटवारी ने भी कहा कि लावारिस पशुओं और कुत्तों के मामले में हम कुछ नहीं कर पाए। बीजेपी पार्षद अरुण शर्मा ने भी लावारिस कुत्तों के मामले को आगे बढ़ाया। इसी बीच मेयर कुुलवंत सिंह ने सबसे पहले पार्षद सोमल द्वारा पशुओं को पकड़वाने और केस दर्ज करवाने के प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शहर में ज्यादातर पशु पालतू हैं। अगर पार्षद इलाके के लोगों को साथ लेकर इस दिशा में काम करे तो यह समस्या खुद खत्म हो जाएगी। पशु मालिक पशुओं को घर से बाहर नहीं निकालेंगे।
निगम को एएसआई और दो कांस्टेबल मिलने से इंफोर्समेंट विंग होगा मजबूत
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि एक तो नगर निगम के पास पक्के मुलाजिम नहीं है। दूसरा सिक्योरिटी का इंतजाम नहीं है। ऐसे यह काम आसान नहीं है। हालांकि इसी बीच पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने बताया कि वह निकाय विभाग के डायरेक्टर से मिलकर आए तो उन्होंने बताया कि नगर निगम मोहाली को जल्द एक एएसआई व दो कांस्टेबल मिलने जा रहे हैं। इसके बाद इंफोर्समेंट विंग मजबूत हो जाएगा। साथ ही उक्त काम में तेजी आएगी।
गोशाला में क्षमता से ज्यादा पशु, 200 की हो गई थी मौत
जानकारी के मुताबिक फेज-एक में नगर निगम की गोशाला है। इसमें करीब 400 पशु रखने की क्षमता है लेकिन वहां पर करीब 900 पशु हैं। इतना ही नहीं, कुछ समय पहले संदिग्ध हालत में 200 पशुओं की मौत हो गई थी। यह मामला काफी समय तक अखबारों की सुर्खियां बना था। इस दौरान निगम, मुलाजिमों व गोशाला प्रबंधकों पर केस दर्ज करवाने की सिफारिश तक हुई थी। बीच में गोशाला प्रबंधकों ने इस काम को सरेंडर करने की अर्जी भी दी थी लेकिन अभी तक उक्त संस्था ही गोशाला चला रही है।