मोहाली। शहर के फेज-9 के एचएम क्वार्टरों में स्थित कब्रिस्तान की चारदीवारी करने का मामला शुक्रवार सुबह उस समय गरमा गया, जब इलाके के लोग पूर्व पार्षद प्रकाशवति की अगुवाई में एकजुट होकर यहां बनाई जा रही चारदीवारी का काम रुकवाने पहुंच गए। इस मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी सिटी-2 की अगुवाई में भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। यहां पर लोगों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने कब्रिस्तान की चारदीवारी का काम रुकवाने वालों से कहा कि वह कानून का रास्ता अपनाएं और कोर्ट से काम रुकवाने का स्टे लेकर आएं। इसके साथ ही विरोध करने वाले पक्ष को एक हफ्ते का समय दिया गया कि वह अदालत से इस संबंधी स्टे का आदेश लेकर आएं, वरना इस जगह पर चारदीवारी की जाएगी।
जानकारी के मुुताबिक शुक्रवार की सुबह गांव कुंभड़ा की मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के सदस्य धार्मिक स्थल पर जेसीबी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने यहां पर साफ-सफाई का काम करवाने के बाद यहां पर चारदीवारी बनवाने के लिए नींव की खुदाई का काम शुरू करवाया दिया था। जब फेज-9 के लोगों को इसकी भनक लगी तो आसपास के सभी लोग एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए। इन सभी की अगुुवाई पूर्व पार्षद प्रकाशवति कर रहीं थीं। इस मौके पर चारदीवारी का काम रुकवाने के लिए पहुंचे लोगों और चारदीवारी बनवाने के लिए पहुंचे लोगों में बातचीत के दौरान माहौल काफी तनापवूर्ण हो गया।
इसकी सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी-2 दीप कमल और एसएचओ फेज-8 रजनीश चौधरी की अगुवाई में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों की बात को सुना और लोगों को शांत करने का काम शुरू किया। इस मौके पर मोहाली के नायब तहसीलदार अर्जुन सिंह ग्रेवाल भी पहुंच गए और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को हल करने की दिशा में प्रयास किया। लेकिन दोनों पक्ष अपने मुद्दे पर कायम थे। इस दौरान इलाके के लोगों का कहना था कि मुस्लिम भाईचारे के लोगों की ओर से पहले यह कहा गया था कि वह यहां पर किसी की भी कब्र नहीं बनाएंगे। लेकिन इसके बावजूद अभी तक यहां पर यह कार्रवाई चल रही है। उन्हें अपनी बात पर कायम रहना चाहिए और यहां पर उन्हें चारदीवारी नहीं बनानी चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं तो वह यह काम शुरू ही नहीं होने देंगे।
वहीं, इस संबंधी मुस्लिम भाईचारे के लोगों का कहना था कि यह जमीन मुस्लिम वक्फ बोर्ड की है। इसके साथ ही उन्हें अपनी जमीन पर चारदीवारी करने का पूरा अधिकार है। इस मौके पर दोनों पक्षों की बात सुनकर पुलिस और प्रशासन की टीम ने कहा कि वह चारदीवारी का इस तरह विरोध नहीं कर सकते। अगर उन्हें विरोध करना है तो कानून का तरीका अपनाएं और इस जमीन पर चारदीवारी नहीं करने का अदालत से स्टे लेकर आएं।
इस पर पूर्व पार्षद प्रकाशवति का कहना था कि पहले काम रुकवाया जाए और उन्हें एक हफ्ते का समय दिया जाए, ताकि वह अदालत जा सकें। जबकि मुस्लिम भाईचारे के लोगों का कहना है कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की है और इसकी चारदीवारी को रोका नहीं जा सकता। धार्मिक स्थल की जमीन को किसी अन्य स्थान की जमीन के साथ बदला नहीं जा सकता। उनका कहना था कि पूर्व पार्षद प्रकाशवति की ओर से जानबूझकर इसे धार्मिक मुद्दा बनाया जा रहा है। जबकि पूर्व पार्षद प्रकाशवति और भाजपा नेता रमेश वर्मा ने कहा कि पहले भी इलाके के लोगों ने उक्त जगह पर चारदीवारी का विरोध किया था और उस समय फैसला हुआ था कि यह जगह खाली रखी जाएगी। इसके साथ ही मुस्लिम भाईचारे की ओर से उक्त जगह की साफ-सफाई करवाकर बच्चों के खेलने के लिए पार्क बनाया जाएगा।