मोहाली। कोर्ट ने 5 साल पुराने शराब तस्करी और लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में आरोपी कुलदीप सिंह को बरी कर दिया। पुलिस आरोपी का कार या शराब से सीधा संबंध साबित नहीं कर पाई। अदालत में पुलिस का पक्ष कमजोर पड़ गया। सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने माना कि शराब लावारिस कार से बरामद हुई थी, किसी व्यक्ति के सीधे कब्जे से नहीं थी। गवाह ड्राइवर की पहचान नहीं कर सके। कार कुलदीप सिंह के नाम पर पंजीकृत नहीं थी, बल्कि कुलदीप राज निवासी खरड़ के नाम पर थी। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने कुलदीप सिंह को संदेह का लाभ दिया। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और आबकारी अधिनियम की धारा 61 के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया गया।