जीरकपुर। शिरोमणि अकाली दल ने रविवार को जीरकपुर में ‘पंजाब मंगदा जवाब’ के तहत रैली की। शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि रेत माफिया, शराब माफिया और मुख्तार अंसारी जैसे गैंगस्टरों की मदद से कैप्टन के विधायक व मंत्री अमीर होते जा रहे हैं जबकि कोरोना महामारी में आम जनता का रोजगार छिन गया।
शर्मा फार्महाउस में आयोजित रैली में सुखबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री चार साल के कार्यकाल में सिर्फ 11 बार ही अपने दफ्तर गए हैं। उन्होंने कहा, कैप्टन ने विकास का एक भी प्रोजेक्ट नहीं लगाया, उल्टा लोगों पर करों का बोझ लाद दिया। सुखबीर ने कहा, कैप्टन ने कसम खाकर जो वादे किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। चाहे बुजुर्गों को 2500 रुपये पेंशन हो या पंजाब को नशा मुक्त बनाना, किसानों की कर्जमाफी हो या घर घर रोजगार, हर वादा अधूरा है।
रैली में बीबी परमजीत कौर लांडरां ने कहा कि जिस प्रशांत किशोर के सहारे 2017 में कांग्रेस सत्ता में आई थी, उसे कैप्टन अमरिंदर ने फिर ठेका दिया है। वह याद रखें कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।
अकाली सरकार में युवाओं को मिलेगा रोजगार
सुखबीर बादल ने 2022 विधानसभा चुनावों के लिए डेराबस्सी विधानसभा से विधायक एनके शर्मा को तीसरी बार भी विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, आप शर्मा को विधायक बना दो, मंत्री बनाने की जिम्मेदारी मेरी। अकाली सरकार बेरोजगारों को रोजगार के नए मौके देगी। अपना काम शुरू करने के लिए मुफ्त तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। व्यवसाय शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा।
इलाके में बनवाएंगे दो बड़े अस्पताल: एनके शर्मा
विधायक एनके शर्मा ने कहा, 2000 में यहां बुलडोजर खड़े होते थे, जब प्रकाश सिंह बादल और दिवंगत कैप्टन कंवलजीत सिंह ने जीरकपुर को नगर पंचायत का दर्जा देकर लोगों के सिरों से लटकती तलवार हटाई थी। जीरकपुर को ए क्लास नगर परिषद का दर्जा दिया। सब तहसील बनाई। समूचे डेराबस्सी हलके को सुखबीर सिंह बादल ने कंडी क्षेत्र में डाला, जिसे कांग्रेस ने बाहर निकाल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जीरकपुर में पास हुए मेडिकल कालेज को कांग्रेस सरकार रद्द कराकर मोहाली ले गई। डेराबस्सी में 91 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण हरसिमरत कौर की देने है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली दल की सरकार आते ही जीरकपुर को नहरी पानी और दो बड़े अस्पताल बनाऐ जाएंगे। इस मौके पर हरसिमरत कौर बादल, सिकंदर सिंह मलूका, दलजीत सिंह चीमा आदि मौजूद थे