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Mohali News: 21 मीटर तक की इमारतों के नक्शे अब थर्ड पार्टी से होंगे पास

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मोहाली समेत प्रदेशभर में कॉलोनियों के नियम बदले, शहरी नियोजन और विकास प्राधिकरण की नई अधिसूचना जारी, सीएलयू से लाइसेंस तक मंजूरी प्रक्रिया होगी आसान और समयबद्ध
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मोहाली सहित पूरे पंजाब में कॉलोनियों के विकास और भवन निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं शहरी विकास विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर कॉलोनाइजरों, बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। सबसे अहम बदलाव यह है कि प्रस्तावित पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स-2025 लागू होने के बाद 21 मीटर तक ऊंची इमारतों के भवन नक्शे थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन के आधार पर मंजूर किए जाएंगे जिससे नक्शा पास कराने में लगने वाला समय कम होगा।
हाउसिंग एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग की ओर से 2 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार अब कॉलोनाइजर और डेवलपर चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू), लेआउट प्लान और कॉलोनाइजर लाइसेंस के लिए एकीकृत आवेदन कर सकेंगे। यदि चाहें तो इन मंजूरियों के लिए अलग-अलग चरणों में भी आवेदन करने का विकल्प रहेगा। सरकार का उद्देश्य मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाकर निवेश और निर्माण कार्यों में तेजी लाना है।
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नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और फाइलों के निस्तारण की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। सीएलयू आवेदन का निपटारा अधिकतम 23 कार्य दिवस, लेआउट प्लान या लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) 30 कार्य दिवस और कॉलोनाइजर लाइसेंस भी 30 कार्य दिवस के भीतर जारी करना होगा। तकनीकी समिति को अपनी सिफारिश 15 कार्य दिवस में देनी होगी।
सीएलयू जारी होने की तिथि से दो वर्ष तक मान्य रहेगा
प्रदेश सरकार ने सीएलयू की वैधता अवधि भी तय कर दी है। अब सीएलयू जारी होने की तिथि से दो वर्ष तक मान्य रहेगा। यदि इस अवधि में परियोजना आगे नहीं बढ़ती है तो निर्धारित शुल्क के 20 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान के साथ इसे दो वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। अधिसूचना में अधिकारियों की शक्तियों का भी पुनर्वितरण किया गया है। 50 एकड़ तक की आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों के सीएलयू को संबंधित विकास प्राधिकरण का मुख्य प्रशासक मंजूरी देगा। दो एकड़ तक के स्टैंडअलोन प्रोजेक्ट्स का निस्तारण जिला नगर नियोजक स्तर पर होगा, जबकि 50 एकड़ से बड़े औद्योगिक पार्क और औद्योगिक एस्टेट के मामलों का निर्णय डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग स्तर पर लिया जाएगा।
मोहाली में तेजी से विकसित हो रही आवासीय परियोजनाओं और नई कॉलोनियों को देखते हुए इन संशोधनों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिल्डरों और डेवलपर्स का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से मंजूरी में देरी कम होगी, परियोजनाएं समय पर शुरू होंगी और निवेशकों व खरीदारों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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