मोहाली। गुरप्रीत सिंह हरिनौ की हत्या में शामिल गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्श डल्ला के दो प्रमुख शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कम से कम चार और संभावित टारगेट किलिंग को विफल कर दिया है। यह खुलासा दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हुआ है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हत्या सहित तीन सनसनीखेज अपराधों को मोहाली स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने सुलझाया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने उन लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया है जो इनके निशाने पर थे।
एसएसओसी मोहाली, एजीटीएफ और फरीदकोट पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन दौरान आरोपी बरनाला के भदौड़ निवासी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल और खरड़ के निज्जर रोड निवासी नवजोत सिंह उर्फ नीतू को शनिवार को खरड़ से गिरफ्तार किया था। पुलिस टीमों ने अपराधियों की मदद करने और उन्हें बढ़ावा देने के आरोप में उनके साथी बलवीर सिंह उर्फ कालू को भी गिरफ्तार किया है, जो नवजोत सिंह का भाई शूटर है। गिरफ्तार सभी लोगों का आपराधिक इतिहास है। पुलिस टीमों ने आरोपियों से दो अत्याधुनिक पिस्तौल भी बरामद की हैं, इनमें एक जिगाना 9-एमएम और सात कारतूस, एक .30 बोर की पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस के अलावा 27 हजार 500 रुपये और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है, इनका इस्तेमाल विभिन्न अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
गिरफ्तारी से दो दिन पहले ग्वालियर में की थी हत्या
आरोपियों ने दो दिन पहले वीरवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अर्श डल्ला के निर्देश पर जसवंत सिंह गिल की भी हत्या की थी। जसवंत सिंह गिल पहले से ही आजीवन कारावास का सजायाफ्ता अपराधी था, जो 15 दिन के पैरोल पर बाहर आया हुआ था। दोनों शूटरों की ओर से जसवंत सिंह की गई हत्या की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। दोनों आरोपियों ने गली में उसे घेरकर गोलियां दागी थी। इस हत्या के बाद दोनों आरोपी खरड़ आ गए थे। इनके खिलाफ पुलिस स्टेशन डबरा मध्यप्रदेश में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। बाद में दोनों हत्यारों को खरड़ के निज्जर चौक से एसएसओसी मोहाली और एजीटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया था।
नौ अक्तूबर को अर्श डल्ला के कहने पर ही की थी गुरप्रीत की हत्या
आरोपियों ने गुरप्रीत सिंह हरीनौ उर्फ भौड़ी की नौ अक्तूबर को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने मोटरसाइकिल पर गांव के गुरुद्वारा साहिब से घर लौट रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अर्श डल्ला ने नवजोत उर्फ नीटू को गुरप्रीत सिंह हरीनौ को निशाना बनाने का काम सौंपा था, जो हरीनौ टॉक्स के नाम से यूट्यूब चैनल चलाता है। अर्श डल्ला ने गुरप्रीत हरीनौ की जरूरी जानकारी नवजोत उर्फ नीटू के साथ साझा की और उसे इस काम को अंजाम देने के लिए और साथियों को शामिल करने के लिए कहा। इस काम को अंजाम देने के लिए नवजोत उर्फ नीटू ने अपने साथी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल को शामिल किया। अर्श डल्ला ने गिरफ्तार आरोपियों को एक ग्लॉक पिस्टल, कारतूस और एक मोटरसाइकिल मुहैया कराई। दोनों शूटरों को अर्श डल्ला ने ही ठिकाने मुहैया करवाए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर लगातार घूमते रहे और अमृतसर, एसबीएस नगर, हिमाचल-पंजाब बॉर्डर, चंडीगढ़, मोहाली और खरड़ सहित कई शहरों में ठिकाने बदलते रहे। इसी बीच अर्श डल्ला ने दोनों शूटरों को हेरोइन और नकदी के रूप में फाइनेंस मुहैया करवाया, जिसे वे ज्यादातर मोहाली में सार्वजनिक स्थानों से वसूलते थे।
18 अक्तूबर को जीरकपुर में भी चलाई थी गोलियां
दोनों आरोपियों ने 18 अक्तूबर को जीरकपुर में गोलियां चलाई थी और जबरन वसूली की वारदात को भी अंजाम दिया था। जहां एक व्यवसायी को गोली चलाने के बाद धमकाया गया और मुख्य प्रवेश द्वार पर अर्श डल्ला नाम से पोस्टर लगाया गया था। पास के एक घर से सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता चला कि दो व्यक्ति बाइक पर आए थे। फुटेज में उन्हें गोलियां चलाते और उपरोक्त पोस्टर लगाते हुए दिखाया गया था। इस संबंध में पुलिस स्टेशन जीरकपुर में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 308,25,27 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी से प्रमुख शहरों में कम से कम चार प्रमुख व्यक्तियों की हत्या को टाला गया है। उनके खिलाफ पहले भी कोटपुरा थाने में मामला दर्ज है।