मोहाली। चंडीगढ़ के भाजपा मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में बड़े खुलासे सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, 16 मार्च को नवांशहर निवासी जसबीर सिंह जस्सी के पास ग्रेनेड की कंसाइनमेंट आई, जिसे उसने 12 दिन अपने घर गांव भरापुर में छिपाकर रखा। बाद में 28 मार्च को बलाचौर में उसने इसे गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह को सौंप दिया। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस हमले के पीछे विदेशी हैंडलर्स बलजोत लाड़ी का हाथ है, जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैं। बलजोत लाड़ी लुधियाना में विकास बग्गा की हत्या में भी शामिल रहा है। हरतोज लाड़ी के जर्मनी या पुर्तगाल में होने की सूचना मिली है।
दो लाख का लालच
सूत्रों के अनुसार, आरोपी हमले को अंजाम देने के लिए दो लाख रुपये का लालच दिए गए थे। अब तक किसी को दो हजार, किसी को पांच हजार और किसी को दस हजार रुपये मिले। गुरतेज सोशल मीडिया के जरिए लाड़ी से संपर्क में आया और उसने अमनप्रीत सिंह को घटना अंजाम देने के लिए हायर किया। आरोपियों ने हमले से पहले पूरी रेकी की और अलग-अलग मॉड्यूल तथा संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल करते हुए साजिश अंजाम दी। हमले के बाद गुरतेज व अमनप्रीत सेक्टर-24 बस स्टॉप से सीटीयू बस पकड़े और सेक्टर-43 बस स्टैंड पहुंचे। इसके बाद उन्होंने खरड़ की बस ली और अपने-अपने घर पहुंचे। कपड़े बदलकर अलग-अलग रास्तों से रिवाड़ी पहुंचे, जहां काउंटर इंटेलिजेंस ने उन्हें पकड़ लिया।
स्थानीय नागरिकों ने इस खुलासे के बाद सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। मोहाली के निवासी राजीव शर्मा ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमें आतंकवाद और नशीली साजिश के खतरों से अवगत कराती हैं। सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। वहीं स्कूल संचालक सुनीता गुप्ता ने कहा कि इस तरह की हिंसा बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है।