जीरकपुर। अगर किसी व्यक्ति को अपने शहर से बाहरी राज्यों में जाने के लिए लॉन्ग रूट की बस चाहिए तो उसको अस्थायी स्टॉपेज या मुख्य हाईवे के सहारे बस पकड़कर अपने गंतव्य तक जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दरअसल ऐसी हालात इसलिए है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन द्वारा शहर से होकर निकलने वाली लॉन्ग रूट की बसों के ठहराव के लिए शहर में आज तक कोई योजना ही नहीं बनाई गई है। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों की जेब पर पड़ता है। दूसरी ओर, हजारों की संख्या में लोग अपने कार्यों को लेकर स्थानीय शहर से बाहरी राज्यों दिल्ली, यूपी, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश आदि के लिए आवाजाही करते हैं, जिनको चंडीगढ़ और अंबाला जैसे शहरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
हाईवे पर बसें रोककर चालक अपनी जिम्मेदारी पर बैठाते हैं सवारियां...
जानकारी के मुताबिक, ट्राइसिटी की सीमाओं पर बसे शहर जीरकपुर ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान तेजी से तरक्की की है। जिसका असर यह है कि शहर की आबादी लाखों का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं, इतनी बड़ी आबादी वाले शहर के अंदर रहने वाले लोग आजतक मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। शहरवासियों की मांग पर वर्ष 2011 में जिला प्रशासन द्वारा शहर के बीचोंबीच करोड़ों रुपये की लागत से एक बस स्टैंड का निर्माण किया गया था, ताकि लोग बस स्टैंड से अपने गंतव्य की बस पकड़कर आवाजाही कर सकें। लेकिन इस बस स्टैंड का हाल ऐसा है कि आसपास लगने वाले स्थानीय शहर पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली तक आवाजाही करने वाली लोकल बसें तो स्टैंड में आती हैं। लेकिन लॉन्ग रूट की बसें फ्लाईओवर से होकर निकल जाती हैं। ऐसे में लोगों को लॉन्ग रूट की बसें पकड़ने के लिए मुख्य हाईवे के बीचोंबीच बने अस्थायी स्टैंड पर खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दूसरी ओर, मुख्य हाईवे के बीचोंबीच खड़े होकर सवारियों को बस चालक अपनी जिम्मेदारी पर बैठाकर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। संवाद
एनके शर्मा ने बीस साल के शासन में नहीं किया समस्या का हल
शिअद विधायक एनके शर्मा ने बीस साल तक शहर की सत्ता पर शासन किया। लेकिन शहरवासियों की मूलभूत सुविधाओं की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। मैं हैरान हूं कि इतनी बड़ी आबादी वाले शहर के लोगों को बाहरी राज्यों की बसें पकड़ने के लिए चंडीगढ़ और अंबाला जाना पड़ता है। हमारी तरफ से शहर में लॉन्ग रूट की बसों के ठहराव को लेकर अलग-अलग योजनाओं पर काम चल रहा है, जिसको अमलीजामा पहनाने के लिए विभिन्न विभागों से संपर्क साधकर आगामी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
- उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, जीरकपुर नगर परिषद।