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भारत बंद की कॉल रही कामयाब, किसानों के समर्थन में उतरे लोग

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मोहाली। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए गए कृषि के नए तीन कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के भारत बंद की कॉल को जिले में शुक्रवार को पूरा समर्थन मिला। एक तरफ जहां इलाके के सारे बाजार व दुकानें बंद रहीं। वहीं, सभी मुख्य हाईवे, लिंक सड़कों और सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों पर भी लोगों ने वाहन खड़े कर आवाजाही ठप रखी। जिससे कई लोग अपने गंतव्य तक नहीं जा पाए। खास बात यह रही कि चक्का जाम में महिला, बच्चे और बुजुर्ग तक सब शामिल हुए। एयरपोर्ट रोड पर कुछ जगह मरीजों की गाड़ियों को रोक दिया गया। वहीं, एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स से आए लोगों को घरों की तरफ नहीं जाने दिया गया। इससे लोगों को परेशानी हुई, बहसबाजी की नौबत भी आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। हालांकि यह बंद की कॉल शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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जानकारी के मुुताबिक शुक्रवार सुबह 6 बजे से ही भारत बंद का असर दिखना शुरू हो गया था। एयरपोर्ट रोड पर सेक्टर-82, खरड़-चंडीगढ़ हाईवे, चंडीगढ़-लुधियाना हाईवे, खरड़-बनूड़ हाईवे और मुल्लांपुर-सिसवां रोड पर सुबह से ही लोगों ने आवाजाही रोक दी। इस दौरान सड़कों पर ट्रैक्टर और कारें खड़ी कर दी थी। लोगों गांवों से न जा सके, इसलिए गांवों की सड़कों पर बंद कर दिया गया था। कई लोग गांवों के रास्ते से मोहाली या चंडीगढ़ में अपने दफ्तरों में जाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। इस दौरान मोहाली में फेज-7, 3-5, की लाइटों, फेज -11, गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां सोहाना, एयरपोर्ट रोड सेक्टर-82, सन्नी एनक्लेव समेत कई जगह यहीं स्थिति बनी रहीं। किसान नेताओं के साथ पूर्व पार्षद परविंदर सिंह सोहना भी संघर्ष में शामिल हुए।
खरड़ में भी पूरा रहा बंद का असर
खरड़। खरड़-चंडीगढ़, खरड़-रोपड़, खरड़-लुधियाना और खरड़-बनूड़ हाईवे पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर आवाजाही भी बिल्कुल बंद रही। किसान संगठनों द्वारा खरड़ बस स्टैंड टी-प्वाइंट पर सुबह से लेकर शाम तक यातायात बंद रखा गया। भारतीय किसान यूनियन के नेता कुलवंत सिंह त्रिपड़ी, दविंदर सिंह देहकलां, रणजीत सिंह हंस, जसपाल सिंह नियामियां और मेहर सिंह खेड़ी समेत कई प्रवक्ताओं ने कहा कि जब तक केन्द्र सरकार तीनों कानूनों को रद्द नहीं कर देती है, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री समेत कृषि मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई।
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