मोहाली। बरगाड़ी बेअदबी मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले की जांच करके अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले अधिकारी को सीबीआई ने बदल दिया। अब एक नए अधिकारी को केस का जिम्मा सौंपा गया है। उनके नेतृत्व में टीम नए सिरे से सारे केसों की जांच करेगी। यह बात बुधवार को सीबीआई की अदालत में केस की सुनवाई के दौरान सामने आई।
इस दौरान सीबीआई ने अदालत में दलील दी कि नई टीम को सारे केसों की नए सिरे से जांच करनी है। ऐसे में उन्हें समय की जरूरत है, इसलिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाए। अदालत ने सभी दलीलों पर विचार कर सीबीआई को 30 अक्तूबर तक का समय दे दिया है।
जानकारी के मुताबिक बरगाड़ी बेअदबी मामले के संबंध में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर पंजाब सरकार ने प्रोटेस्ट पटीशन दायर कर रखी है। पिछली सुनवाई पर सरकारी वकील के माध्यम से अदालत में एक अर्जी दायर करके सीबीआई की कारगुजारी पर प्रश्न चिन्ह लगाया। इसके बाद बुधवार को सीबीआई की तरफ से अदालत में बताया कि सीबीआई के डायरेक्टर ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट पेश करने वाले सीबीआई के अधिकारी पी. चक्रवर्ती को बदल दिया है। अब उनकी जगह डीएसपी अनिल यादव के नेतृत्व में नई टीम जांच कर रही है। यह टीम सभी मामलों की नए सिरे से गहराई से जांच करेगी। ऐसे में उन्हें समय की जरूरत है। इसके बाद अदालत ने इस मामले में सीबीआई को तीस अक्तूबर तक का समय दे दिया। अब सीबीआई तबा अपना पक्ष अदालत में रखेगी।
मामले के शिकायकर्ता गोरा व रणजीत सिंह भी सीबीआई की अदालत में पहुंचे हुए थे। उन्होंने सीबीआई की जांच से नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है तो ऐसे में जांच कैसे कर सकती है। उक्त केस की जांच पंजाब पुलिस द्वारा गठित एसआईटी को करनी चाहिए।
जानकारी के मुताबिक सीबीआई की अदालत में सरकारी वकील ने पहले कहा था कि तीन साल से यह मामला सीबीआई के पास था, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद पिछले साल 28 अगस्त को पंजाब विधानसभा की तरफ से बेअदबी के मामले में सीबीआई से जांच वापस लेने का प्रस्ताव पास किया था। प्रस्ताव पास होने के अगले दिन ही पर्सोनल विभाग के माध्यम से सीबीआई को पत्र भेजा गया था। इसके बाद बेअदबी मामले से संबंधित थाना बाजाखाना में दर्ज किए गए केसों की जांच करने की सीबीआई को दी सहमति वापस लेने के बारे में छह सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके बाद बाकायदा सीबीआई को दो और चिट्ठियां लिखी गई थी लेकिन जांच एजेंसी ने सरकार को केस वापस नहीं किया। साथ ही कोई दस्तावेज भी पेश नहीं किया। इसके बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी। वहीं अब सीबीआई फिर जांच करने के लिए कह रही है। उन्होंने अदालत में कहा था कि सीबीआई बताए कि सरकार की नोटिफिकेशन की कॉपी, पंजाब सरकार का पत्र और दो रिमांडर उन्हें मिले हैं या नहीं।