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Mohali News: बलटाना और ढकोली रेलवे फाटक लोगों की आवाजाही में बना बाधा, राहत नहीं, 10 साल से इंतजार

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जीरकपुर। हरमिलाप नगर और ढकोली रेलवे फाटक स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि रेलगाड़ी गुजरने के लिए फाटक बंद होते ही ट्रैफिक जाम लग जाता है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। रेलवे विभाग जब मरम्मत या अन्य जरूरी कार्यों के चलते रेलवे फाटक कुछ दिनों के लिए बंद कर देता है तो स्थानीय लोगों को अपने कामकाज के लिए कई-कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
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दूसरी ओर, रेलवे विभाग द्वारा बलटाना के हरमिलाप नगर रेलवे फाटक की जगह अंडरपास और ढकोली रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की परियोजनाओं पर काम चलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन योजनाओं की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, लेकिन 10 साल बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही। जानकारी मुताबिक बलटाना क्षेत्र की आबादी एक लाख से अधिक है और यहां रहने वाले अधिकांश लोगों का आवागमन चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर रहता है। हरमिलाप नगर रेलवे फाटक के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रेनों के आने-जाने का समय याद रखते हैं और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को होती है जो कभी-कभार बलटाना आते हैं और जिन्हें ट्रेनों की आवाजाही की जानकारी नहीं होती। ऐसे लोग या तो रास्ता तलाशते रहते हैं या फिर रेलवे फाटक के पास घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
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इसी तरह ढकोली रेलवे फाटक का असर केवल ढकोली तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव सेक्टर-20 पंचकूला, पीरमुछल्ला, किशनपुरा, गाजीपुर और आसपास के कई गांवों के लोगों पर पड़ता है। इन क्षेत्रों के लोगों के लिए ढकोली रेलवे फाटक सबसे आसान मार्ग है। यदि फाटक पार नहीं किया जा सके तो उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
20 मई को हुआ हरमिलाप नगर अंडरपास का हुआ शिलान्यास
बलटाना और चंडीगढ़ के रायपुर कलां क्षेत्र के लोगों की लगातार शिकायतों के बाद रेलवे विभाग ने हरमिलाप नगर रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया था। इस परियोजना की प्रक्रिया वर्ष 2017 में शुरू हुई थी।स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की कार्यशैली इतनी धीमी रही कि 10 साल बीत जाने के बाद भी परियोजना केवल शिलान्यास तक ही सीमित है। 20 मई को अंडरपास का शिलान्यास किया गया, लेकिन निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
अंडरपास से ओवरब्रिज बनी ढकोली परियोजना भी अटकी
ढकोली रेलवे फाटक पर पहले अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई थी, जिसकी शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। समय बीतने के साथ यह परियोजना रेलवे ओवरब्रिज में बदल गई।स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की राशि भी जारी की जा चुकी है। राशि जारी होने के बाद रेलवे विभाग के अधिकारी ढकोली में सर्वे करने पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद परियोजना को लेकर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी।

ढकोली रेलवे फाटक पर रोज 15 से 16 रेलगाडियों की आवाजाही होती है और जब-जब फाटक बंद होता है तो इसके दोनों ओर ट्रैफिक जाम हो जाता है। कभी-कभी तो हालात इस कद्र हो जाते हैं कि रेलवे फाटक के दोनों ओर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खुलवाने में घंटों तक लग जाते हैं। ऐसे में, सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस को होती है, जो अस्पताल से मरीज लेकर निकलती है तो उसे रेलवे फाटक बंद होने की वजह से ट्रैफिक जाम में फंसकर परेशानियों का सामना करती है। -सुखवीर सिंह लवली

हरमिलाप नगर कॉलोनी में रेलवे फाटक बलटाना वासियों की लाइफलाइन से कम नहीं है। रेलवे फाटक से चंढीगढ़ और पंचकूला आने- जाने में घंटों का समय बर्बाद होने से बचता है इसलिए यहां अंडरपास जल्द से जल्द बनना अति जरूरी है। इन दिनों रेलवे फाटक रेल लाइन की मरम्मत के चलते शनिवार तक बंद किया हुआ है, जिसके चलते बलटाना वासियों को कई किलोमीटर दूर से घूमकर आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। -प्रताप सिंह राणा
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फोटो सहित :
जीरकपुर के बलटाना में हरमिलाप नगर रेलवे फाटक पर चलता मरम्मत का काम।
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