मोहाली। भड़काऊ धार्मिक बयानबाजी करने के आरोप में बलौंगी पुलिस की ओर से गिरफ्तार बरजिंदर सिंह परवाना की जमानत याचिका खरड़ अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी। परवाना ने अदालत को खुद को समाजसेवी होने और किसान आंदोलन का समर्थक होने की दलील देते हुए जमानत की मांग की थी। जबकि पुलिस ने उसे विदेशी फंडिंग होने और पाकिस्तान में बैठे देश विरोधी तत्वों के साथ संबंध होने सहित उसके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों का हवाला दिया।
जानकारी के मुताबिक मोहाली पुलिस ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली बयानबाजी करने के आरोप में बरजिंदर सिंह परवाना को गिरफ्तार किया था। परवाना ने अपने वकीलों के माध्यम से खरड़ अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। उसने अदालत में दलील दी कि वह एक समाजसेवी है और उसने कई जरूरतमंद लड़कियों की शादियां करवाई हैं। साथ ही उसका कहना था कि वह किसान आंदोलन का समर्थक है।
वहीं, परवाना के वकीलों ने दलील दी है कि पुलिस ने उसके खिलाफ थाना बलौंगी में केस दर्ज किया है, जो कि गलत है। वहीं, पुलिस का पक्ष रखते हुुए सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस को एक वीडियो मिली है, जिसमें बरजिंदर सिंह परवाना धार्मिक शांति भंग करने की नीयत से भड़काऊ बयानबाजी कर रहा है। अदालत को बताया गया कि इससे पहले भी परवाना के खिलाफ बनूड़ थाने में जनवरी, 2016 में मारपीट करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी तरह मई, 2019 को पटियाला के थाना बहादुरगढ़ और जुलाई 2020 में थाना लहौरी गेट में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने परवाना के खिलाफ अदालत में यह तर्क भी दिया कि उसे विदेशी फंडिंग हासिल है। साथ ही परवाना का पाकिस्तान में बैठे देश विरोधी तत्वों से भी संपर्क है। जो देश की शांति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए घातक है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बरजिंदर सिंह परवाना की जमानत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि परवाना गलत बयानबाजी करने का आदी हो चुका है।