फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: शराब तस्करी में आरोपी की जमानत याचिका मंजूर

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शराब तस्करी के एक मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अदालत ने मामले में नामजद आरोपी हरप्रीत सिंह की नियमित जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। आरोपी को अदालत की शर्तों पर 70 हजार रुपये जमानत राशि भरनी होगी। आरोपी को भगोड़ा करार देने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी 6 मार्च 2024 से हिरासत में हैं। अभियुक्त की अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं थी। वह धारा 61 उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत अपराध के लिए मुकदमे का सामना कर रहा है क्योंकि उसके कब्जे से हरियाणा में बिक्री के लिए फौजी नंबर-1 की 132 बोतलें बरामद की गईं। अदालती कार्यवाही से खुद को अनुपस्थित रखने के लिए उन्होंने पर्याप्त सबक सीख लिया है। इस मामले में चालान पेश किया जा चुका है। मुकदमे के निष्कर्ष में पर्याप्त समय लगेगा। अब जांच के प्रयोजन के लिए अभियुक्त की आवश्यकता नहीं है। आरोपी आवेदक को हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा बल्कि यह राज्य के खजाने पर बोझ होगा। आरोपी मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा नहीं करेगा ताकि उन्हें अदालत या किसी पुलिस अधिकारी के सामने ऐसे तथ्यों का खुलासा करने से रोका जा सके। आरोपी अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा। आरोपी सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर अदालत में उपस्थित होगा।
विज्ञापन

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि आवेदक-अभियुक्त निर्दोष है। पहले अभियुक्त इस मामले में अदालत में उपस्थित हो रहा था और अदालत की कार्यवाही में शामिल हुआ था, लेकिन बाद में वह अनुपस्थित हो गया और परिणामस्वरूप जमानत आदेश और बांड रद्द कर दिए गए । उसे गैर जमानती वारंट के माध्यम से तामील करने का आदेश दिया गया। 8 अगस्त 2023 को उसे अपराधी घोषित कर दिया गया और उसके बाद 2 मार्च 2024 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत को बताया गया कि आवेदक-अभियुक्त की गैर-हाजिरी न तो जानबूझकर थी और ना ही वह ऐसा चाहता था। आरोपी बेहद गरीब परिवार से है। वह अपने परिवार की रोजी रोटी कमाने के लिए घर से बाहर गया हुआ था और वह अपने वकील से संपर्क नहीं कर सका। उसकी अनुपस्थिति के कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया इसलिए उसकी जमानत याचिका मंजूर की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें