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ऑटो यूनियन ने कहा... मोहाली में नहीं होने देंगे चंडीगढ़ की बसों और ऑटो की एंट्री

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मोहाली। पिछले तीन दिनोें से लगातार चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस के रवैये के खिलाफ संघर्ष कर रहे मोहाली के ऑटो चालकों ने शुक्रवार सुबह धरना देकर चंडीगढ़ से आने वाले रास्ते पर ट्रैफिक जाम लगाया। इससे पहले दशहरा मैदान में मीटिंग करके रैली के रूप में सभी ऑटो चालक वाईपीएस चौक पर पहुंचे और यहां दो घंटे तक जाम लगाकर चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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वहीं, इससे पहले सुबह से ही ऑटो चालकों ने चंडीगढ़ से मोहाली आ रहे ऑटो को रोक कर उसमें से सवारियों को जबरन नीचे उतारा और साथ ही इन ऑटो चालकों को हड़ताल में शामिल किया। वहीं, ऑटो चालकों ने साफ कहा है कि अगर चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने फैसले को वापिस नहीं लिया तो वह भी चंडीगढ़ से आने वाली सभी सीटीयू की बसों और ऑटो को मोहाली में एंट्री नहीं करने देंगे।
इस मौके पर ऑटो चालकों की यूनियन के प्रधान जसबीर सिंह ने बताया कि यूनियन के ऑटो चालक चंडीगढ़ की सवारियां लेकर जाते थे और पिछले 4 दिनों से चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस की ओर से ऑटो चालकों को चंडीगढ़ में एंट्री करने से रोका जा रहा है। यहीं नहीं पुलिस की ओर से गैर कानूनी तरीके से चालान भी काटने शुरू कर दिए हैं। जिसका जुर्माना भी 15 से 25 हजार रुपये तक वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और इसी कारण पंजाब के ऑटो चालकों को चंडीगढ़ में जाने से नहीं रोका जा सकता और यह गैर कानूनी है। लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस इस पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है, जिससे तंग आकर ऑटो चालकों को मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि 4 दिनों से लगातार ऑटो चालक यूनियन संघर्ष कर रही है और जब तक उनकी मांगों को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से नहीं माना जाता, तक तक संघर्ष जारी रहेगा। यूनियन की मांग है कि उनको ट्र्राइसिटी में ऑटो चलाने के लिए परमिट दिया जाए।
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इलेक्ट्रिक ऑटो चलाने के लिए की जा रही कार्रवाई
ऑटो चालकों ने धरने के दौरान बताया कि कुछ साल पहले चंडीगढ़ प्रशासन कीे ओर से डीजल ऑटो बंद कर दिए गए थे। इसके बाद ऑटो चालकों ने बैंकों से कर्जा लेकर सीएनजी ऑटो खरीद लिए जिनकी किश्तेें अभी भी ज्यादातर चालक भर रहे हैं। लेकिन अब चंडीगढ़ प्रशासन ने नया फरमान जारी कर दिया है कि चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक ऑटो ही चलाए जाएंगे। जिससे ऑटो चालकों को काफी परेशानी हो रही है, और पिछले चार दिनों से अपना काम काज ठप करके धरने दे रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो बड़ी संख्या में ऑटो चालकों को अपने-अपने परिवार को पालना तक मुश्किल हो जाएगा और इससे स्कूलों में पढ़ रहे उनके बच्चों को भारी परेशानी होगी।
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