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नशा तस्करी के मामले में सीआईए के पूर्व इंचार्ज की अग्रिम जमानत खारिज

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मोहाली। नशा तस्करी से जुड़े मामले में सीआईए के पूर्व इंचार्ज इंस्पेक्टर सतवंत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने उन्हें भी केस में नामजद कर दिया है। एसटीएफ द्वारा यह फैसला उनसे पहले पकड़े गए सनेटा चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ के बाद लिया गया। वहीं सिद्धू के द्वारा जिला अदालत में दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका भी सोमवार को खारिज हो गई। इससे अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
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जानकारी के मुताबिक एसटीएफ ने इसी वर्ष जुलाई में नशा तस्करी से जुड़े केस में एक दंपती को गिरफ्तार किया था। इस दौरान पकड़े गए नशा तस्कर का कहना था कि उसे पहले भी एक नशा तस्करी के केस में पकड़ा गया था। फिर उसने पुलिस वालों को करीब सात लाख रुपये रिश्वत दी थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया था। इसके बाद पुलिस ने तस्कर दंपती की निशानदेही पर पुलिस चौकी सनेटा के इंचार्ज सुखमंदर सिंह को गिरफ्तार किया था। इस दौरान सुखमंदर ने पूछताछ में सीआईए के पूर्व इंचार्ज इंस्पेक्टर सतवंत सिंह सिद्धू का नाम ले दिया था। इसके बाद एसटीएफ ने इस मामले की गंभीरता से जांच की। साथ ही इस केस में सतवंत सिंह सिद़धू को नामजद कर दिया है। हालांकि इससे पहले सब-इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह के खिलाफ एसटीएफ पुलिस स्टेशन फेज-4 मोहाली में 31 जुलाई 2019 को आईपीसी की धारा 384, 452, 120बी, प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, 13 व एनडीपीएस एक्ट की धारा 59 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था।
बता दें कि इसी केस में पहले से गिरफ्तार किए गए पुलिस चौकी सनेटा के इंचार्ज आरोपी सब-इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह ने भी अदालत में जमानत याचिका दायर की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्पेक्टर सुखमंदिर सिंह पर आरोप था कि उसने पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज होते हुए आरोपी कुलदीप सिंह दीपा व उसकी पत्नी को छोड़ने के बदले में 7 लाख 30 हजार रुपये रिश्वत ली थी। एसटीएफ ने सुखमंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद दो अन्य आरोपियों मनिन्द्र सिंह, लवप्रीत सिंह व एक ज्योति नाम की महिला को भी इसी केस में गिरफ्तार किया था। उक्त सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने पूछताछ की तो उस समय के सीआईए स्टाफ इंचार्ज सतवंत सिंह सिद्धु का नाम भी सामने आया। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ज्योति ने इंस्पेक्टर सतवंत सिंह व सब-इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह के साथ मिलीभुगत करके पैसे का लेन-देन करवाया।
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