जीरकपुर। सिंहपुरा फ्लाईओवर पर 22 सितंबर को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में घायल चाचा-भतीजा हरिंदर और हिमांशु का इलाज के दौरान पीजीआई में पैर और हाथ काटना पड़ा है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रक चालक गिरफ्त से बाहर है। हादसे के बाद घायल हरिंदर और हिमांशु को गंभीर हालत में पहले जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ ले जाया गया। बाद में उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। पुलिस को दिए बयान में डेराबस्सी के पीर बाबा के पास रहने वाले हरिंदर ने बताया कि वह मिठाई बनाने का काम करते हैं। 22 सितंबर को वह अपने भतीजे हिमांशु के साथ एक्टिवा नंबर पीबी 70 के 7197 पर सवार होकर जीरकपुर आए थे। दोपहर करीब दो से ढाई बजे वे एक्टिवा से वापस डेराबस्सी जा रहे थे।
ऐसे हुआ हादसा
सिंहपुरा फ्लाईओवर पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार टाटा ट्रक नंबर आर जे 32 जीई 3537 ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। ट्रक चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर गए और ट्रक के पिछले टायरों की चपेट में आ गए। हरिंदर ने पुलिस को बताया कि टक्कर के बाद उनका दाहिना पैर पूरी तरह कट गया। हिमांशु का बायां हाथ कंधे तक कट गया था। दोनों को शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हरिंदर ने यह भी बताया कि ट्रक चालक टक्कर के बाद रुका था, लेकिन फिर वहां से फरार हो गया। पुलिस ने हरिंदर के बयान के आधार पर ट्रक के अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला बीएनएस की धारा 281, 125(a), 125 (b) और 324(4) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापा माना शुरू दिया था।
घायलों का चल रहा है इलाज
हादसे के बाद हरिंदर और हिमांशु को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई। उन्हें पहले जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए पीजीआई सेक्टर-12 चंडीगढ़ रेफर किया गया। दोनों का इलाज चल रहा है। बयान देने की स्थिति में आने के बाद ही पुलिस ने हरिंदर का बयान दर्ज किया। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जांच अधिकारी मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।