मोहाली। मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने ईएसआईसी में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाकर सीबीआई जांच की मांग की है। एसोसिएशन के लेबर लॉ कमेटी चेयरमैन एडवोकेट जसबीर सिंह ने कहा कि बीमित व्यक्ति फुल कुमारी के पति जशनप्रीत खान के उंगली कटने के मामले में ईएसआईसी मोहाली के एसएमओ डॉ. राजीव छाबड़ा ने गलत कहानी गढ़ी ताकि अपने ऊपर लगे आरोपों और ईडन अस्पताल को बचाया जा सके।
एसएमओ पर फर्जी जांच कमेटी बनाने का आरोप
एडवोकेट जसबीर सिंह ने बताया कि डॉ. छाबड़ा ने रीजनल डायरेक्टर पंकज वोहरा को भेजी रिपोर्ट में दावा किया कि मोहाली ईएसआईएस अस्पताल से मिले सत्यापन ईमेल के अनुसार जशनप्रीत खान एसएसटी उपचार के लिए पात्र नहीं है। इसके बाद एसएमओ ने चार डॉक्टरों की कमेटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए, जबकि ईएसआई एक्ट लागू होने के बाद से आज तक दुर्घटना की जांच डॉक्टर नहीं बल्कि सिर्फ सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर या ईएसआईसी ब्रांच मैनेजर करते हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह अवैध और प्रक्रियाओं के विपरीत बताया।
जशनप्रीत सिंह के इलाज में भ्रष्टाचार का आरोप
एसोसिएशन ने जशनप्रीत सिंह के ईडन अस्पताल, चंडीगढ़ में हुए इलाज और उसमें ईएसआईसी के एसएमओ की कथित भूमिका की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि एसएमओ लंबे समय से अस्पतालों को फायदा पहुंचाने और रिश्वत लेने में लिप्त है। कुछ चुनिंदा अस्पतालों को लाभ पहुंचाने के लिए गलत तरीके से बिल पास किए जा रहे हैं, जो बीमित व्यक्तियों के हितों के खिलाफ है।
दो साल में पास हुए करोड़ों के बिलों की जांच की मांग
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में एसएमओ ईएसआईसी चंडीगढ़ द्वारा पास किए गए बिलों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए हैं। करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर बिल पास किए जाने से ईएसआईसी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। एसोसिएशन ने सरकार व उच्च अधिकारियों से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।