मोहाली। हाईकोर्ट के आदेशों पर गमाडा और नगर निगम के एंटी-एनक्रोचमेंट अभियान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीरवार को यह कार्रवाई फेज-10 तक पहुंची। स्थानीय लोगों ने अभियान में पक्षपात का आरोप लगाकर जोरदार विरोध किया है।
लोगों का कहना है कि प्रभावशाली और बड़ी कंपनियों के अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि आम लोगों के घरों के बाहर बने छोटे निर्माण बेरहमी से तोड़े जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि एक प्रसिद्ध वीजा कंपनी के शोरूम की पिछली तरफ किया गया बड़ा कब्जा, नोटिस दिए जाने के बावजूद अब तक नहीं हटाया गया।
लोगों का कहना है कि एक माह बीत जाने के बाद भी उस कब्जे में कोई बदलाव नहीं किया गया, जबकि सिफारिश के चलते कार्रवाई रोक दी गई। इसके उलट टीमों ने आम नागरिकों के घरों के बाहर बनी टॉ-वॉल और फर्श तक उखाड़ दिए। मानव मंगल स्कूल के पास मंदिर के नजदीक कार्रवाई शुरू होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय पार्षद नरपिंदर सिंह रंगी, निवासी तिलक राज और अन्यों ने टीम को घेरकर सवाल उठाकर कहा कि बड़े लोगों को क्यों छोड़ा जा रहा है। केवल गरीबों के घर तोड़े जा रहे है।
लोगों ने स्पष्ट कहा कि पहले प्रभावशाली संस्थानों और बड़े कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। फेज-10 के निवासियों ने चेतावनी दी कि जब तक बड़े कब्जों पर समान कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपने इलाके में ड्राइव नहीं चलने देंगे। विरोध के चलते गमाडा और नगर निगम की टीमों को कार्रवाई रोककर वापस लौटना पड़ा।