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आरोप : अस्पताल ने छीना लाडला, समय पर होता ऑपरेशन तो दोनों जिंदा होते

Thu, 20 Apr 2023 01:54 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
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आरोप : अस्पताल ने छीना लाडला, समय पर होता ऑपरेशन तो दोनों जिंदा होते
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हालत गंभीर होने पर रोपड़ के अस्पताल से रेफर होकर आए थे मोहाली के सिविल अस्पताल में
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। जिला सिविल अस्पताल में डिलीवरी करवाने आए एक व्यक्ति की पत्नी को तो अस्पताल ने बचा लिया, लेकिन बच्चे की मौत हो गई। इस बारे में महिला गीता के पति अजय कुमार ने सिविल सर्जन को शिकायत दी है।
शिकायतकर्ता अजय कुमार निवासी गांव अबियाना जिला रोपड़ ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी। वह 16 अप्रैल को सरकारी अस्पताल रोपड़ ले गए। 18 अप्रैल को वहां के स्टाफ ने रात को यह कहकर मोहाली के फेज-6 सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया कि यहां रात को ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। वह 18 अप्रैल को रात साढ़े 10 बजे पत्नी को लेकर वहां पहुंचे और ऑपरेशन करने के लिए कहा। लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन की जरूरत नहीं है और नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। इसके बाद उसकी पत्नी दर्द से कराहती रही लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। 19 अप्रैल की सुबह उन्होंने एक बार फिर से मौके पर मौजूद स्टाफ को ऑपरेशन करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने कहा कि एक दिन में वह 35 ऑपरेशन करते हैं और आज का उनका ऑपरेशन का टारगेट पूरा हो गया है और अब वह कल ऑपरेशन करेंगे। इसके बाद दोपहर को पत्नी की हालत बिगड़ गई तो स्टाफ ने बुलाकर कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। वहीं इसके कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि डिलीवरी हो गई है, लेकिन बच्चे ने पेट में पॉटी कर दी है और उसे सांस में दिक्कत है इसलिए इलाज चल रहा है। इसके कुछ देर बाद आकर कहा कि वे बच्चे को बचा नहीं सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है। अगर समय पर ऑपरेशन किया गया होता तो शायद मां और बच्चा दोनों जिंदा होते।
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कोट
अजय कुमार की पत्नी के बच्चे की मौत में लापरवाही के बारे में शिकायत मिली है। इस संबंधी जल्दी ही एक कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच की जाएगी। -रूपिंदर कौर, सिविल सर्जन
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