मोहाली। बेरोजगार अध्यापकों ने मोहाली के पुलिस और प्रशासन पर जबरन धरना हटवाने का आरोप लगाया है। यह अध्यापक पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के बाहर नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे। यह सभी ईटीटी 2364 भर्ती यूनियन पंजाब के पदाधिकारी हैं और बेरोजगार अध्यापकों हैं। जानकारी के अनुसार इनकी झड़प पीएसईबी के अधिकारियों से हो गई थी। इस बीच में पुलिस ने मामला शांत कराने की कोशिश की। लेकिन जब यह मामला शांत नहीं हुआ तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। बेरोजगार अध्यापकों का आरोप है कि उनका धरना जबरन खत्म कराया गया है।
यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट ने बताया कि डीपीआई अधिकारी ने सुबह साढ़े दस बजे मीटिंग बुलाई थी। इस दौरान अधिकारियों ने कहा था कि आपके मामले में कोड ऑफ कंडक्ट की कार्रवाई चल रही है और दोपहर एक से दो बजे के बीच में फाइल को स्टेट इलेक्शन कमीशन को भेज दिया जाएगा। लेकिन शाम चार बजे तक जब फाइल भेजने कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो डीपीआई के सभी गेटों को बंद कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने बहसबाजी शुरु कर दी।
अध्यापकों का आरोप है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पुलिस ने मामले को शांत कराते कराने के लिए बल का प्रयोग किया। जिससे पदाधिकारियों और बेरोजगार अध्यापकों को काफी अंदरूनी चोटें आई है। हरजीत ने कहा कि पुलिस ने सारा सामान जब्त कर लिया और जब सामान लेने थाने गए तो वहां पूरा सामान नहीं मिला।
रात को गुरुद्वारे में ली शरण
ईटीटी 2364 भर्ती यूनियन के उप प्रधान हरजीत सिंह ने बताया कि जब अचानक धरना प्रदर्शन खत्म करा दिया गया तो हम लोगों को नजदीक के गुरद्वारा श्री अंब साहिब में शरण लेनी पड़ी।