सिरफिरा सुखचैन बीच सड़क बेखौफ होकर बलजिंदर कौर पर तलवार से ताबड़तोड़ वार करता रहा लेकिन किसी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। कुछ लोग तो वारदात की वीडियो बना रहे थे। जान बचाने के लिए सुखचैन सड़क की ओर भागी, सामने से आ रही एक गाड़ी से टकराई मगर गाड़ी चालक और उसमें सवार लोग मदद के लिए नहीं उतरे। एक स्कूटर सवार रुका और आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन वह भी हिम्मत नहीं जुटा सका।
अस्पताल में जमकर हंगामा, गुस्साए लोग बोले-हत्यारे को हमारे हवाले करो
बलजिंदर कौर के हत्यारे सुखचैन को पुलिस शनिवार दोपहर इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची तो भीड़ उग्र हो गई। गुस्साए लोग पुलिस से आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करने लगे। लोगों ने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए। हत्यारे को हमारे हवाले किया जाए, हम खुद हिसाब करेंगे। भीड़ में बलजिंदर कौर के परिजन ही नहीं बल्कि मोहाली के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आए लोग और युवा भी शामिल थे।
पुलिस ने जैसे-तैसे आरोपी को इमरजेंसी के अंदर पहुंचाया और अस्पताल के गेट पर चार पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया। साथ ही उनको हिदायत दे दी कि किसी व्यक्ति को भीतर न जाने दें। करीब पौन घंटे तक इमरजेंसी के बाहर भीड़ इकट्ठी रही। लोग प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। लोगों को इंतजार था कि पुलिस कब हत्यारे को बाहर लेकर आती है। जानकारी मिलते ही कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स भी मौके पर पहुंच गए। सिविल अस्पताल में बलजिंदर कौर के पिता और ताया का बेटा भी पहुंच गया था। बलजिंदर कौर के माता-पिता के आंसू तो थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
मृतका के चचेरे भाई धर्मप्रीत सिंह ने बताया कि वह पंजाब पुलिस के मुलाजिम हैं, उनको सुबह कॉल आई कि बलजिंदर पर किसी ने हमला किया है और वह अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि बलजिंदर से अक्सर उनकी बातचीत होती रहती थी। दो दिन पहले ही उन्होंने बात की थी, बलजिंदर सीधी-सादी लड़की थी, उसको किसी से कोई लेना-देना नहीं था। अस्पताल में लंबे समय तक भीड़ मौजूद रही।