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अकाली बीजेपी के पार्षदों ने नगर निगम के बाहर बैठकर किया प्रदर्शन

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मोहाली में नगर निगम भवन के बाहर प्रदर्शन करते अकाली-भाजपा के पार्षद। - फोटो : MOHALI
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मोहाली। शहर में विकास के लिए किए जाने वाले कामों के जारी होने वाले दो सौ टेंडर को नगर निगम की ओर से रोके जाने के खिलाफ बुधवार को अकाली-भाजपा के पार्षदों ने निगम भवन के बाहर प्रदर्शन किया। इस मामले में टेंडर न खुल पाने के चलते नगर निगम में काबिज सत्ताधारी अकाली-भाजपा के पार्षद संघर्ष की राह पर आ गए हैं। इसके साथ ही आरोप लगाया है कि कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के दवाब में यह टेंडर नहीं खोले जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, निगम कमिश्नर कमल कुमार गर्ग और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर धरना दे रहे पार्षदों ने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और निगम कमिश्नर गठजोड़ मुर्दाबाद के नारे लिखे हुए थे।
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इस मौके नगर निगम के पार्षद परमजीत सिंह काहलो, अरूण शर्मा, अझोक झा, आरपी शर्मा, गुरमुख सिंह सोहल, हरपाल सिंह चन्ना, साहिबी आनंद, कुलदीप कौर, सुखदेव सिंह पटवारी और अन्य ने बताया कि नगर निगम के पास 42 करोड़ रुपये के फंड होने के बावजूद शहर के विकास कार्यों के टेंडर नहीं खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कमिश्नर कैबिनेट मंत्री के दवाब में काम कर रहे हैैं। इसके साथ ही टेंडर खोलने के काम को जबरदस्ती लटकाया जा रहा है। जिससे नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इन कामों को लटकाया जाए और बाद में यह काम करवाकर कैबिनेट मंत्री को क्रेडिट दिया जा सके। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से पहले भी इस संबंधी नगर निगम के कमिश्नर को पत्र दिया गया था। तब कमिश्नर ने भरोसा दिया था कि विकास कार्यों के टेंडर जल्द ही खोल दिए जाएंगे। लेकिन कमिश्नर की तरफ से पूरी तरह मंत्री के निर्देशों के मुताबिक काम किया जा रहा है। इस कारण वह धरना देने के लिए मजबूर हो गए हैं।
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इतिहास में कभी ऐसे हालात नहीं बने
अकाली-भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया है कि इससे पहले नगर निगम के इतिहास में कभी ऐसे हालात नहीं बने कि टेंडर कॉल करने के बाद टेेंडर न खोले गए हों। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा इन टेंडरों को बिना किसी कारण से रोका जा रहा है, इससे यह मामला सवालों के घेरे में है। अगर निगम के पास जरूरी फंड नहीं है। फिर टेंडर कॉल ही क्यों किए जा रहे हैं, वहीं, यह टेंडर तुरंत खोले जाने चाहिए। उन्होंने साफ किया है कि अब भी टेंडर नहीं खोले गए तो संघर्ष तेज किया जाएगा।
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कांग्रेस के पार्षदों की राजनीतिक रंग देने की कोशिश
इस मौके पर अकाली-भाजपा के पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी के पार्षदों पर आरोप लगाया है कि वह मंत्री को खुश करने के लिए इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। इस धरने में कमलजीत सिंह रूबी, गुरमीत सिंह वालिया, सरबजीत सिंह, प्रकाशवति, गुरमीत कोर, कमलजीत कौर, रजनी गोयल, सुरिंदर सिंह रोडा, परमिंदर सिंह तसिंबली और जसबीर कौर मौजूद थे।
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कमिश्नर बोले- आरोप निराधार
नगर निगम के कमिश्नर कमल गर्ग ने पार्षदों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन पर किसी भी तरह का कोई दवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी करीब 30 लाख रुपये के टेंडर उनके चार्ज संभालने के पहले के जारी किए हुए हैं। इसके लिए जरूरी फंड नहीं है। जिसके चलते यह नहीं खुल रहे हैं। वहीं, फंडों की व्यवस्था करने लिए प्रस्ताव पास कर निकाय विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद मौजूदा फंड के अनुसार टेंडर खोले जाएंगे।
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इस मामले से कोई लेना-देना नहीं: बलबीर सिंह सिद्घू
इस संबंधी कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू ने कहा कि अकाली पार्षदों के आरोप निराधार हैं। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इसके लिए जिम्मेदार नगर निगम में काबिज सत्तापक्ष है। कांग्रेस पार्टी के विरोध के बावजूद गमाडा के पार्क और सड़कों का रख-रखाव का काम अपने हाथ में ले लिया है। जिसके बदले गमाडा की तरफ से हर साल 50 करोड़ रुपये देने की बात कही है। लेकिन गमाडा द्वारा फंड जारी नहीं करने के कारण निगम की हालत पतली हो गई। जब निगम का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है तो अकाली-भाजपा गठजोड़ के पार्षद इन कामों का क्रेडिट हासिल करने की कोशिश में हैं।
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