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ट्रेन के बाद अब बसों से भी मोहाली में फंसे श्रमिक परिवार सहित भेजे गए यूपी

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मोहाली। वीआईपी जिले में फंसे बाहरी राज्यों के लोगों को प्रशासन की ओर से ट्रेन के बाद अब बसों के जरिए भी उनके राज्यों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह प्रयास प्रशासन, पुलिस और पब्लिक खुद मिलकर कर रही है।
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इसके मद्देनजर शुक्रवार को 4 बसों में 140 श्रमिकों को बैठाकर यूपी के लिए रवाना किया गया। यह बसें यूपी के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को उनके घरों के पास उतारेंगी। इस दौरान जाने वाले लोगों को जहां प्रशासन ने भर पेट खाना, जूस की बोतलें और पानी मुहैया करवाया है, वहीं, बच्चों को कुरकुरे, बिस्कुट और अन्य जरूरी सामान देकर भेजा है, जिससे सफर में उन्हें कोई दिक्कत न आए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
मिली जानकारी के मुताबिक भले ही जिला प्रशासन की तरफ से ट्रेन में बैठाकर लोगों को भेजा जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी कई लोग रजिस्ट्रेशन आदि न होने के चलते उचित तरीके से नहीं जा पा रहे थे। इसके अलावा कुछ एरिया में प्राइवेट बसों से लोगों को ठगने के मामले आ रहे थे। यह मामला अधिकारियों के ध्यान में भी था। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को बताया कि अगर जम्मू या लेह बसें भेजी जा सकती हैं, तो यूपी का सफर भी बसों के जरिये किया जा सकता है।
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इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने तुरंत बसों को हायर कर श्रमिकों को बैठाकर यूपी के लिए रवाना किया। इस दौरान दो बसें लखनऊ और दो जिला उन्नाव के लिए रवाना की गई हैं। इस बारे में थाना फेज-8 के एडिशनल एसएचओ अमन बैदवान से बताया कि सेक्टर-69 के कम्युनिटी सेंटर से बसें रवाना की गई हैं। एक बस में बच्चों समेत 35 लोग सवार थे। इस दौरान 140 श्रमिकों को रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि बस के सफर की विशेषता यह है कि लोगों को उनके घर के पास जाकर उतारेगी। ऐसे में लोगों को पैदल नहीं चलना पड़ेगा। वहीं, उनका सफर आसान रहेगा। यहां से बसों को रवाना करने से पहले सभी लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी की गई थी।
जिक्रयोग है कि थाना फेज-8 के एसएचओ अमन बैदवान के अधीन आने वाले एरिया में कश्मीर, बिहार और अन्य एरिया के लोग फंसे हुए थे। जिन्हें उन्होंने काफी बढ़िया तरीके से उनके घरों के लिए रवाना किया है।
अब रात को नहीं सोना पड़ेगा भूखा
शहर में बनाए गए स्क्रीनिंग केंद्रों में आने वाले जो लोग बसों या ट्रेनों के माध्यम से जाने में सफल नहीं हो पाएंगे। उन लोगों को रात के समय भूखे न सोना पड़े। इनके लिए अब प्रशासन की तरफ से रात को खाना भी मुहैया करवाया जाएगा। इस संबंध में पूर्व पार्षद अशोक झा की तरफ से डीसी गिरीश दियालन को पत्र लिखा गया था। उन्होंने बताया कि अगर खाना मुहैया करवाया जाता है तो यह एक अच्छा प्रयास होगा।
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