मोहाली। आतंकी मस्सा सिंह ने चाचा के भोग में शामिल होने के लिए मोहाली की एनआईए कोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका लगाई थी। अदालत की मंजूरी के बाद मस्सा सिंह को कड़ी सुरक्षा में उसे पैतृक गांव में भोग में शामिल किया गया। आरोपी मस्सा सिंह के खिलाफ एनआईए दिल्ली ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4, 5, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13,18,18ए,18 बी, 20, 23 और आईपीसी की धारा 120-बी, 153 ए के तहत मामला दर्ज किया हुआ है।
आतंकी मस्सा सिंह के वकील ने अदालत को बताया कि उसके चाचा शीतल सिंह का 7 जुलाई को देहांत हो गया है। अदालत को बताया कि मस्सा सिंह के पिता की मृत्यु तब हो गई थी, जब वह बहुत छोटा था। उसे उसके चाचा शीतल सिंह ने गोद लिया था और उसकी देखभाल की थी। आरोपी के मृतक चाचा की कोई संतान नहीं थी। अदालत को बताया गया कि आवेदक को चाचा के अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर दिनेवाल में उपस्थित होना है। मृतक के साथ मस्सा सिंह के संबंध की साख को समर्थन देने के लिए ग्राम पंचायत दिनेवाल द्वारा पंचायतनामा अदालत में पेश किया गया।
वहीं, इसका विरोध करते हुए एनआईए के वकील ने तर्क दिया कि 14 जुलाई को एसएचओ पुलिस स्टेशन गोइंदवाल साहिब से फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट मांगी गई थी, जिन्होंने रिपोर्ट प्रस्तुत की है कि पुलिसकर्मियों ने मस्सा सिंह के गांव का दौरा किया था। गांव दिनेवाल के पंचायत सदस्यों से मुलाकात की। आरोपी के चाचा शीतल सिंह की अंतिम अरदास 16 जुलाई को है। वह न्याय से भागने की कोशिश करेगा। एनआईए के वकील ने याचिका को खारिज करने की मांग रखी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया कि आरोपी जब छोटा था तो उसके पिता की मौत हो गई थी और उसका पालन पोषण उसके चाचा ने किया है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अधीक्षक केंद्रीय कारागार कपूरथला को निर्देश दिया कि आरोपी मस्सा सिंह को कड़ी सुरक्षा में 16 जुलाई को दोपहर 12 से 1 बजे तक उसके चाचा शीतल सिंह के भोग समारोह में शामिल होने दिया जाए।