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Karthik Popli: अस्पताल में रोते-रोते बोले संजय पोपली-मेरे सामने मेरे बेटे का मर्डर हुआ, अब मुझे भी मारना चाहते हैं विजिलेंस वाले

Sat, 25 Jun 2022 11:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

कार्तिक पोपली की शनिवार दोपहर को संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गई, जिसके चलते आईएएस पोपली को दोपहर 3 बजे जिला अदालत में पेश नहीं किया गया।
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संजय पोपली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अपने इकलौते बेटे कार्तिक पोपली की मौत से आईएएस संजय पोपली को गहरा सदमा लगा। इसके बाद विजिलेंस की टीम पोपली को फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। इस दौरान विजिलेंस कस्टडी में फेज-6 सिविल अस्पताल से सेक्टर-32 अस्पताल के लिए एंबुलेंस में दाखिल होते हुए पोपली ने मीडिया से रोते-रोते कहा कि मेरे बेटे का मर्डर हुआ है और मैं खुद इसका प्रत्यक्षदर्शी हूं। अब विजिलेंस वाले मुझे दूसरे अस्पताल लेकर जा रहे हैं और अब ये मुझे भी मारना चाहते हैं। शनिवार को दोपहर 3 से शाम 8 बजे तक जिला अदालत विजिलेंस द्वारा आईएएस पोपली को लाने का इंतजार करती रही।

डॉक्टरों को नहीं करने दी जांच

मोहाली जिला अस्पताल में एसएमओ एचएस चीमा की अध्यक्ष में डॉक्टरों का बोर्ड तैयार हुआ, जिसने पोपली का मेडिकल करना चाहा लेकिन पोपली व्हीलचेयर पर बैठकर रोते ही रहे और एक ही बात कहते रहे कि विजिलेंस के एक डीएसपी ने मेरे बेटे कार्तिक को गोली मारी। डॉक्टरों ने कहा कि आपके ब्लड प्रेशर की जांच और ईसीजी करनी है लेकिन पोपली रोते ही रहे और डॉक्टरों को जांच करने नहीं दी। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि आपके स्वास्थ्य की जांच के लिए कुछ ब्लड सैंपल्स लेने जरूरी हैं, परन्तु पोपली ने डॉक्टरों से किसी तरह की जांच नहीं करवाई। इसके बाद फेज-6 अस्पताल ने उन्हें जीएमसीएच-32 के लिए रेफर कर दिया गया।

पोपली को व्हीलचेयर पर बाहर लेकर आई विजिलेंस टीम

आईएएस पोपली ने जब फेज-6 के जिला सिविल अस्पताल में डॉक्टरों से कोई जांच नहीं करवाई तो उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया को शुरू किया गया। एसएमओ एचएस चीमा ने रेफर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब पास इश्यू किया गया तो विजिलेंस की टीम पोपली को व्हीलचेयर पर लेकर अस्पताल के बाहर आई। अस्पताल के इमरजेंसी ब्लॉक से एंबुलेंस तक व्हीलचेयर पर बैठकर पोपली बस एक ही बात बोलते रहे कि मेरे बेटे को विजिलेंस के एक डीएसपी ने गोली मारकर मार दिया हैं, जिसका मैं प्रत्यक्षदर्शी हूं और अब मुझे भी यह मार देना चाहते हैं ताकि उसे बचाया जा सके।

पहले मेडिकल रिपोर्ट लेकर आओ...

शनिवार दोपहर बाद आईएएस संजय पोपली पर दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में चार दिन के पुलिस रिमांड के बाद संजय पोपली को विजिलेंस ने अदालत में पेश करना था। दोपहर 3 बजे अदालत में सुनवाई का समय निर्धारित किया और दोनों पक्षों को आईएएस पोपली के साथ पेश होना था। इसी दौरान बेटे कार्तिक पोपली की चंडीगढ़ में उनके आवास पर गोली लगने से मौत होने की सूचना वायरल हो गई, जिसके बाद अदालत में भी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इस बीच न्यायाधीश अदालत में पहुंच चुके थे। दोनों पक्ष न्यायाधीश के समक्ष विजिलेंस अधिकारियों का आईएएस पोपली के साथ अदालत में पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। पता चला कि पोपली की तबीयत खराब हो गई है और उन्हें बेटे की मौत का गहरा सदमा लगने के कारण अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि पोपली की मेडिकल रिपोर्ट लेकर आइए तभी इस मामले में सुनवाई होगी। 

इंतजार हुआ लंबा 

विजिलेंस की टीम अदालत से पोपली की तबीयत जानने के लिए अस्पताल पहुंची। जहां स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से पोपली को टीम अपने साथ अदालत नहीं ले जा सकी। इसके चलते विजिलेंस ने शाम पौने 7 बजे सहायक सचिव संदीप वत्स को अदालत में पेश किया। न्यायाधीश ने वत्स को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उधर पोपली की पेशी में हो रहे इंतजार को देखते हुए अदालत ने विजिलेंस से उनकी मेडिकल रिपोर्ट लाने के लिए कहा, जिसके करीब डेढ़ घंटे बाद देर शाम 8 बजे अदालत के समक्ष पेश किया। रिपोर्ट देखने के बाद ही अदालत ने पोपली को न्यायिक हिरासत भेज दिया।

अदालत की टाइमलाइन :

दोपहर 3 बजे : जिला अदालत में मीडिया का जमावड़ा लगा।

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शाम 4 बजे : खराब तबीयत के चलते पोपली को फेज-6 अस्पताल कबरवाया भर्ती।
शाम पौने 7 बजे : केवल सहायक सलाहकार संदीप वत्स को किया पेश।
शाम 7 बजे : अदालत के आदेश पर विजिलेंस टीम पहुंची पोपली की मेडिकल रिपोर्ट लेने।
शाम 8 बजे : विजिलेंस टीम मेडिकल रिपोर्ट लेकर पहुंची अदालत।
शाम 8. 02 मिनट पर अदालत ने न्यायिक हिरासत पर भेजने के दिए आदेश।

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