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Mohali News: ढाई घंटे की सुनवाई के बाद विजिलेंस को करारा झटका, भुल्लर की प्रोडक्शन वारंट की याचिका रद्द

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मोहाली। पंजाब पुलिस से निलंबित रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के भ्रष्टाचार मामले में सोमवार को सीबीआई ने मोहाली कोर्ट में अपना जवाब फाइल कर दिया। मोहाली विजिलेंस को करारा झटका देकर अदालत ने उनकी प्रोडक्शन वारंट की याचिका को खारिज कर दिया। यह मामला चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट मेघा धालीवाल की कोर्ट में विचाराधीन है। करीब ढाई घंटे की सुनवाई दौरान यह फैसला लिया गया। दरअसल सीबीआई की ओर से सरकारी वकील जवाब फाइल करने के लिए मोहाली कोर्ट पहुंचे थे। लंच ब्रेक से पहले सीबीआई ने अपना जवाब फाइल कर दिया था, इसके बाद अदालत ने कुछ घंटे के लिए फैसला सुरक्षित रखा। लंच के बाद दोपहर 2 बजे दोबारा से मामले की सुनवाई हुई और अदालत ने सीबीआई के जवाब पढ़ने के उपरांत विजिलेंस की तरफ से दायर भुल्लर की प्रोडक्शन वारंट की याचिका को रद्द कर दिया। विजिलेंस की ओर से डीएसपी विश्वजीत सिंह मान कोर्ट में मौजूद थे। सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि विजिलेंस ब्यूरो ने भी डीआईजी भुल्लर से हिरासत में पूछताछ की मांग कर एक आवेदन दायर किया है, जबकि वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में है। सीबीआई चंडीगढ़ के पास 6 नवंबर तक हिरासत में है। विजिलेंस ने कहा कि उन्हें भुल्लर से पूछताछ की जरूरत है इसलिए उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अनुमति दी जाए। विजिलेंस ब्यूरो के आवेदन का विरोध करते हुए सीबीआई ने तर्क दिया कि परिस्थितियों में बदलाव के कारण आवेदन निष्फल हो गया है क्योंकि आरोपी चंडीगढ़ की मॉडल जेल में बंद नहीं है, बल्कि सीबीआई की हिरासत में है। अदालत ने कहा कि दो जांच एजेंसियों को भुल्लर से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है। इसलिए चंडीगढ़ के विशेष न्यायालय द्वारा आरोपी का दिया गया पुलिस रिमांड समाप्त होने और दूसरी जांच एजेंसी द्वारा अभियुक्त की आवश्यकता न रहने पर विजिलेंस ब्यूरो को अभियुक्त की जांच करने की अनुमति देकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। फिलहाल, आवेदन को निरर्थक मानते हुए खारिज किया जाता है।
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