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Mohali News: प्रशासक की दो टूक, प्लांट डड्डूमाजरा में ही लगेगा, हर 3 माह में करूंगा दौरा

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चंडीगढ़। डड्डूमाजरा में नगर निगम की तरफ से लगाए जाने वाले नए कचरा निस्तारण प्लांट पर प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने पार्षदों को स्पष्ट कर दिया कि प्लांट डड्डूमाजरा में ही लगेगा। बैठक के बाद प्रशासक ने एक प्रेसवार्ता की और कहा कि प्लांट के लगने के बाद वह हर तीन महीने में वहां का दौरा करेंगे।सर्वदलीय बैठक की शुरुआत में प्रशासक ने प्लांट की जरूरत के बारे में सभी पार्षदों को बताया। इसके बाद विरोध करने वाली पार्टियों के पार्षदों को अपनी बात रखने का मौका दिया। कांग्रेस की पार्षद तरुणा मेहता, गुरबख्श रावत और जसबीर बंटी ने अपनी बात रखी और प्लांट के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को लेकर अपनी आपत्तियां बताईं। साथ ही कहा कि वह विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन डड्डूमाजरा के लोगों की समस्याओं पर भी गौर करना चाहिए। वहां के लोग बीमारियों और बदबू से परेशान हैं इसलिए प्लांट सड़क से 300 मीटर अंदर की तरफ एन-चो के नजदीक लगाना चाहिए।
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आम आदमी पार्टी के पार्षद जसबीर सिंह लाडी व अन्य की तरफ से मांग रखी गई कि प्लांट के मुद्दे पर नगर निगम की सदन की बैठक में फिर से चर्चा की जानी चाहिए, क्योंकि पिछली बार चर्चा नहीं हो पाई। इस संबंध में प्रशासक को एक ज्ञापन भी सौपा गया। हालांकि प्रशासक इस बात पर राजी नहीं हुए।

प्रशासन को प्रोजेक्ट के साथ तेजी से आगे बढ़ने के दिए निर्देश
प्रशासक ने कहा कि मास्टर प्लान के तहत डंपिंग के लिए वर्ष 1987 में ही वह जगह तय हो गई थी इसलिए उन्होंने प्रशासन को प्रोजेक्ट के साथ तेजी से आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं। पुरोहित ने कहा कि उन्होंने पार्षदों को समझाया है कि प्लांट के माध्यम से ही डंपिंग ग्राउंड की समस्या हल हो सकती है। साथ ही आश्वासन दिया है कि वह खुद प्रोजेक्ट को मॉनिटर करेंगे। हर तीन महीने के बाद डड्डूमाजरा का दौरा करेंगे। साथ ही प्लांट को लेकर प्री बिड बैठक में सभी पार्टियों के एक प्रतिनिधि को शामिल करेंगे। अगर वह दो को भी शामिल करना चाहते हैं तो उससे भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने डड्डूमाजरा में प्लांट लगाने के विरोध के मामले पर कहा कि प्लांट के लिए 46 एकड़ की जगह चाहिए और शहर में कहीं पर भी इतनी जगह उपलब्ध नहीं है। आगे कहा कि स्थानीय पार्षद को दिक्कत हो सकती है क्योंकि वह जन प्रतिनिधि हैं। कुछ लोग कह रहे होंगे कि प्लांट लगने से बदबू होगी लेकिन कचरा साफ होने के बाद यहां से यह दिक्कत दूर हो जाएगी।
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पार्षदों की मांग पर ही बैठक बुलाई, फिर बहिष्कार की बात क्यों
प्रशासक ने कहा कि उन्होंने पार्षदों को विश्वास दिलाने का प्रयास किया है, लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर अब और देरी नहीं की जा सकती, क्योंकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पहले ही इस संबंध में आदेश जारी कर चुका है और समस्या का समाधान न करने पर निगम को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नीरी की कंसल्टेंसी में ही यह प्लांट लगाया जा रहा है। वह इस पूरे प्रोजेक्ट का ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व आप पार्षदों की तरफ से प्लांट मामले को लेकर उनके पास एक पत्र भेजा गया था, जिसके बाद ही उन्होंने यह बैठक बुलाने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि पार्षद बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं और ये लोकतंत्र में उनका अधिकार है, लेकिन उनकी मांग पर ही ये बैठक बुलाने का फैसला लिया गया। निगम सदन की बैठक में प्लांट को लेकर पास किए गए प्रस्तावों पर प्रशासक ने कहा कि उनको अवैध प्रस्ताव नहीं कहा जा सकता क्योंकि संसद से लेकर निगम की बैठकों में ऐसे ही पार्षद वॉकआउट करते रहते हैं और प्रस्ताव पास किए जाते हैं।

निगम सदन की गरिमा बनाकर रखें
प्रशासक पुरोहित ने कहा कि निगम सदन में किसी को भी गाली देना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि वह सदन की बैठक में नहीं थे और उनको नहीं पता कि किसकी गलती थी लेकिन निगम सदन की गरिमा सभी को बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को जिम्मेदार बना चाहिए। साथ ही पार्षदों को नसीहत देते हुए कहा कि आपस में लड़ लिए, अब एक बुरे सपने की तरह सभी बातों को भूलकर आपसी सहयोग के साथ काम करें।

यह बैठक महज खानापूर्ति : स्थानीय पार्षद
उधर, स्थानीय पार्षद कुलदीप सिंह ने कहा कि यह बैठक महज खानापूर्ति के लिए थी। जब पहले से ही आदेश जारी किया जा चुका है तो चर्चा कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह प्लांट डड्डूमाजरा के लोगों पर थोप दिया गया है, जबकि यहां के लोग 40-45 साल से नरक का जीवन भोग रहे हैं। अब उन्हें कहा जा रहा है कि इस प्लांट से सबकुछ ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैठक में उनकी बात पूरी नहीं सुनी गई। सभी अड़े हुए हैं कि प्लांट वहीं लगेगा। पार्षद ने कहा कि अब वह वार्ड के लोगों के साथ चर्चा करेंगे कि आगे क्या कर सकते हैं।
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