जगतपुरा में पुराने पुल के पिलर टूटने के बाद से बंद पड़ी आवाजाही वीरवार शाम को बहाल हो गई। पीडब्ल्यूडी ने नाले के बीच में छोटे पाइप और रेत की बोरियां डाल कर अस्थाई पुल बना दिया।्र
शाम को पुल तैयार होते ही आवाजाही शुरू हो गई। अस्थाई पुल से पैदल, साइकिल और दुपहिया वाहन गुजरना शुुरू हो गए हैं।
जगतपुरा में करीब 46 साल पुराने पुल के कई पिलर नीचे से टूट गए थे। मंगलवार सुबह जैसे ही लोगों ने देखा तो हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस ने पुल पर दोनों तरफ दीवार बनवा कर आवाजाही बंद कर दी।
गांव के लोग गंदे नाले के बीच में से जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर थे। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही थी।
इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने बुधवार सुबह से ही अस्थाई रास्ता बनाने की कवायद शुरू कर दी थी। इसके लिए नाले के पानी के बहाव को एक तरफ मोड़ा गया।
उस हिस्से में नीचे छोटी पाइप डाली गईं, जिनमें से पानी गुजर रहा है। उसके ऊपर रेत की बोरियां लगा कर मिट्टी डाली गई। नाले के दूसरे हिस्से में मिट्टी डाल कर पूरा रास्ता तैयार किया गया।
गांव के सरपंच बलविंदर सिंह ने कहा कि अभी कारें नहीं गुजर पा रही हैं। कार चालकों को गांव कंबाली और कंबाला से होकर आना पड़ रहा है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द यहां बड़े पाइप डाल कर और चौड़ा पुल बनाया जाएगा।
बारिश हुई तो बह जाएगा पुल
पीडब्ल्यूडी ने बेशक अस्थाई पुल तैयार कर दिया है पर अधिकारियों और ग्रामीणों की नजरें सारा दिन आसमान पर लगी रहीं। बादल छाए थे, एक-दो बार हल्की बूंदें भी पड़ीं। अगर बारिश हो जाती है तो नाले में पानी का बहाव तेज हो जाएगा। इसमें चंडीगढ़ का सारा पानी आता है। ऐसे में पुल बह जाएगा।