जीरकपुर। ढकोली अस्पताल में भूख हड़ताल पर बैठे डॉ. राजेश गर्ग के आगे प्रशासन झुक गया है और एडीजीपी लॉ एंड आर्डर पंजाब की ओर से पूरे पंजाब के सभी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मी मुहैया करने की मांग पर सभी जिलों के डीसी और एसएसपी को आदेश दे दिए हैं। साथ ही शिकायत पर एक्शन लेने की हिदायत भी दी है। डॉ. राजेश गर्ग की भूख हड़ताल तोड़ने के लिए डायरेक्टर हेल्थ पंजाब रणजीत सिंह, सिविल सर्जन आदर्शपाल कौर, डीएसपी विक्रम बराड़, एसएमओ मोहाली डॉ. चीमा पहुंचे और डायरेक्टर हेल्थ पंजाब की ओर से जूस पिलाकर भूख हड़ताल तोड़ी गई। डाक्टर की मांग के मुताबिक एक महीने में सभी अस्पतालों को सिक्योरिटी देने की मांग को मान लिया गया है।
इस मौके पर डायरेक्टर हेल्थ पंजाब रंजीत सिंह घोहतरा ने बताया कि डॉक्टर राजेश गर्ग की जायज मांग को मान लिया गया है और जल्द ही मांग पूरी भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में जल्द ही 22 सीएचसी को अपग्रेड किया जाएगा। इनमें ढकोली सीएचसी का नाम भी शामिल है। इस मौके पर उन्होंने सेहत मंत्री एवं पंजाब सरकार के साथ-साथ पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की है कि सभी सरकारी अस्पताल आप ही लोगों के हैं और यहां सेवा निभाने वाले डॉक्टर भी आप ही के भाई बहन हैं। हमारे डॉक्टर लोगों के भले के लिए काम करते हैं तो लोगों को सुरक्षा के किए आगे आना चाहिए। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर राजेश गर्ग को बधाई दी और उनका साथ देने वाले सभी साथियों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर डॉ. राजेश गर्ग और मेहताब बल ने उनका साथ देने के लिए सभी डाक्टरों का धन्यवाद किया। इस दौरान डॉ. राजेश गर्ग ने चेतावनी भी दी कि अगर एक महीने के अंदर सिक्योरिटी प्रदान नहीं की गई तो वह दोबारा संघर्ष करेंगे और वह संघर्ष इससे भी ज्यादा प्रभावशाली होगा।
ओपीडी बंद रहने से मरीज हुए परेशान
डॉ. राजेश गर्ग द्वारा सभी अस्पतालों में सुरक्षा प्रदान करने की मांग को लेकर हड़ताल को समर्थन देने के लिए पंजाब पीसीएमएस की ओर से पूरे जिले में सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजे तक ओपीडी बंद रखने का एलान किया गया था। जबकि ढकोली अस्पताल की ओपीडी पूरा दिन बंद रही। इस दौरान मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। ढकोली अस्पताल में रोजाना 350 से 400 मरीज ओपीडी में आते हैं जिन्हें निराश लौटना पड़ा। डेराबस्सी में एक महिला की डिलीवरी होनी थी जिसे छोड़कर डॉक्टर हड़ताल में शामिल हुए तो करीब आधे घंटे तक महिला तड़पती रही। इसके बाद महिला की डिलीवरी करवाई गई।
कोट्स
एडीजीपी लॉ एंड आर्डर की ओर से उनकी मांगें मान ली गई हैं। एक लिखत ऑर्डर भी पास किया है। इसके चलते डाक्टरों के साथ होने वाली बदतमीजी पर साथ की साथ एक्शन लेने और उनकी सुरक्षा को यकीनी बनाने का आदेश है। हमारी संस्था के लिए बहुत बड़ी जीत है, इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। -रंजीत सिंह, डायरेक्टर हेल्थ विभाग पंजाब।