मोहाली। बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी ठाकुर दलीप सिंह को भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी को पेश होने के लिए 30 दिन का निर्धारित समय दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह पेश नहीं हुआ। सुबह से कई बार केस पुकारे जाने के बावजूद उसकी गैरहाजिरी दर्ज की गई। इसके बाद अदालत ने उसका नाम संबंधित रजिस्टर में दर्ज करने के लिए संबंधित शाखा को सूचना भेजने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान गवाह सुरिंदर सिंह अदालत में उपस्थित हुए और एक आवेदन दाखिल कर सुरक्षा की मांग की।
उन्होंने बताया कि उनका घर आरोपियों के घर के पास ही स्थित है, जिसके चलते उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। अदालत ने इस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए इसकी प्रति आदेश सहित पुलिस कमिश्नर, जालंधर को भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गवाह की सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, अन्य गवाह परवीन कुमारी, दीपक कुमार, अमित डाबरा और सोरवदीप सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। बचाव पक्ष के वकील ने उनकी जिरह के लिए फिर से समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर अगली तारीख पर जिरह करने के निर्देश दिए। सभी गवाहों को अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के आदेश दिए गए हैं। अन्य गवाहों में बिक्रम सिंह की समन तामील हो चुकी है, लेकिन उन्होंने आज के लिए छूट की मांग की, जिसे मंजूर कर लिया गया।
वहीं रुपिंदर सिंह ने फिल्लौर अकादमी में प्रशिक्षण का हवाला देते हुए पेश होने में असमर्थता जताई। इसके अलावा मोबाइल डेटा को चिप-ऑफ तकनीक से प्राप्त करने की अनुमति संबंधी आवेदन पर आरोपियों की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया। अदालत ने अब इस पर अगली सुनवाई में बहस करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल 2026 को तय की गई है। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिए हैं कि सभी गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।