मोहाली। नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने के मामले में नामजद आरोपी को अदालत ने सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त एवं जिला सैशन जज में हुई। मामले में अक्षय निवासी डेराबस्सी को नामजद किया गया था। उसके खिलाफ डेराबस्सी थाने में आईपीसी की धारा 363, 366ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला मोहाली अदालत में विचाराधीन था। अदालत में आरोपी के खिलाफ पुलिस की कहानी सही साबित नहीं हो पाई, वहीं गवाह भी अपनी गवाही देने नहीं पहुंचे जिस कारण अदालत ने अक्षय को बरी कर दिया।
अक्षय के खिलाफ आरोप था कि उसने डेराबस्सी की एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को घर से भगा लिया था। उसके खिलाफ लड़की के पिता ने बयान दिए थे कि 30 दिसंबर, 2020 को उसकी बेटी दुकान पर सामान लेने गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। बाद में उसे पता चला कि अक्षय उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर बहला फुसला कर भगा ले गया है। पुलिस ने बाद में दोनों की तलाश कर अक्षय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। यह मामला अदालत में विचाराधीन था।