डेराबस्सी। गांव भांखरपुर की गुरु नानक कॉलोनी में 22 सितंबर को हुए गोलीकांड के मामले में जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि डॉक्टरों ने गोली से घायल व्यक्ति का इलाज अधूरा छोड़ते हुए बिना गोली निकाले ही छुट्टी दे दी।
जानकारी के मुताबिक गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल जतिंदर गुप्ता को परिजन देर रात अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि जांच में गोली शरीर में फंसी पाई गई, लेकिन डॉक्टरों ने इसे निकालने के बजाय मरीज को छुट्टी दे दी। बाद की जांच में पता चला कि गोली दिल के पास अब भी फंसी हुई है। इस समय पीड़ित की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल ने अब पीड़ित को दोबारा इलाज के लिए 30 सितंबर को बुलाया है। इधर, पीड़ित के परिजनों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि गोलीकांड में शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।