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Mohali News: हत्या के प्रयास में आरोपी को मिली जमानत, 40 हजार बॉन्ड भरने के निर्देश

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मोहाली। हत्या के प्रयास के मामले की धाराओं का सामना कर रहे गांव नानो माजरा निवासी 27 वर्षीय प्रदीप सिंह ने अपने वकील के माध्यम से मोहाली अदालत में सीआरपीसी की धारा-439 के तहत अपनी नियमित जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने बचाव पक्ष के वकील की दलीलें सुनकर याचिकाकर्ता की जमानत याचिका मंजूर कर दी है। याचिकाकर्ता प्रदीप सिंह के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि आवेदक-अभियुक्त प्रदीप सिंह को 23 नवंबर, 2023 को गिरफ्तार किया था और तब से हिरासत में है। कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई कार भी पुलिस के कब्जे में है। वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस रिकॉर्ड में शिकायतकर्ता की कोई एमएलआर नहीं है, जिससे पता चले कि उसे किसी तरह की चोट लगी है, यानी उसे कोई चोट नहीं आई है और न ही उसने अपने बयान में ऐसा कहा है। आवेदक-अभियुक्त का आपराधिक दायित्व यदि कोई हो तो वह प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर मुकदमे के अधीन होगा। उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में चालान पेश होने और मुकदमे के समापन में काफी समय लगेगा। अब जांच एजेंसी को इस मामले में याचिकाकर्ता से आगे हिरासत में पूछताछ या वसूली के लिए आवश्यकता नहीं है।
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वकील ने यह भी तर्क दिया कि याचिकाकर्ता को अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, खासकर तब जब वह जमानत के सभी नियमों और शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सह-अभियुक्त जरनैल सिंह को पहले ही नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जा चुका है। इन सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस जमानत आवेदन को स्वीकार करना बनता है इसलिए उसकी जमानत याचिका को मंजूर किया जाए।

वहीं, दूसरी तरफ सरकारी वकील ने इसका विरोध किया और तर्क रखा कि आरोपी पर हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज है। शिकायतकर्ता मोहन सिंह पर सोची समझी साजिश के तहत कार चढ़ाने की कोशिश की गई थी। यह अपराध जमानत के योग्य नहीं है, इसलिए जमानत याचिका रद्द की जाए।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला सुनाते हुए कहा कि पुलिस रिकॉर्ड में शिकायतकर्ता की कोई एमएलआर नहीं है, जिससे पता चले कि उसे कोई चोट लगी है। ऐसे हालात में याचिकाकर्ता की जमानत याचिका को मंजूर किया जाता है। उसे 40 हजार रुपये जमानत बॉन्ड भरने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत की शर्त के अनुसार याचिकाकर्ता किसी भी गवाह को नहीं धमकाएगा।

यह था मामला

बता दें कि 23 नवंबर, 2023 को शिकायतकर्ता मोहन सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह अपने घर के सामने रास्ते की सफाई कर रहा था क्योंकि वहां से नगर कीर्तन निकलना था। सुबह करीब सवा 8 बजे एक वरना कार जिसमें तीन लोग बैठे थे, उसके चालक ने कार उसको मारने की नियत से उस पर चढ़ाने की कोशिश की थी। जब आरोपी कार में फरार होने लगे तो उनके गांव का मनजिंदर सिंह जो बच्चों को स्कूल छोड़कर आ रहा था ने अपनी कार आरोपियों की कार के आगे लगाकर रास्ता बंद कर दिया था। आरोपी वरना कार से उतरे और उनसे झगड़ा करने लगे। इसी दौरान आरोपी जरनैल सिंह की बहन मंजीत कौर वहां आई और उसने शिकायतकर्ता को गालियां निकाली। वहां, खड़े व्यक्ति को थप्पड़ जड़ दिए। इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने 23 नवंबर को केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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