फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: नियमों को ताक पर रख सांसद के पीए को म्यूजियम का मैनेजर बनाने का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सांसद किरण खेर के पीए रचित सूरी को लाभ देने के लिए कुछ माह पहले सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में मैनेजर (अनुबंध आधारित) का पद सृजित किया गया और उन्हें नियुक्ति दे दी गई। इसके लिए भर्ती नियमों का भी पालन नहीं हुआ। यह आरोप वीरवार को न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और एसएस फेडरेशन (यूटी कर्मचारियों का संगठन) के पदाधिकारियों ने सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर लगाया। उधर, रचित सूरी नियुक्ति की बात कबूल करते हुए आरोप को बेबुनियाद बताया।प्रेसवार्ता में एनसीपी के अध्यक्ष व वकील विवेक हंस गरचा, चंडीगढ़ एसएस फेडरेशन के अध्यक्ष रंजीत मिश्रा और चेयरमैन हरबंस सिंह ने आरोप लगाया कि किसी भी म्यूजियम में मैनेजर का पद नहीं होता लेकिन सांसद खेर के पीए को लाभ देने के लिए सेक्टर-10 के गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी में मैनेजर में मैनेजर का पद सृजित किया गया और बिना भर्ती प्रक्रिया का पालन किए रचित सूरी को नियुक्ति दे दी गई। उन्होंने कहा कि मैनेजर एक महत्वपूर्ण पद है लेकिन बिना किसी सार्वजनिक नोटिस के यह भर्ती हुई है।
विज्ञापन

उधर, इस मामले पर रचित सूरी ने कहा कि उनकी नियुक्ति अभी नहीं बल्कि छह महीने पहले हुई थी। उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। नियमों के अनुसार ही उनकी तैनाती की गई है। प्रेसवार्ता में विवेक हंस गरचा और रंजीत मिश्रा ने सेक्टर-23 स्थित डॉल म्यूजियम में तैनात एक महिला कर्मचारी और प्रशासन के पर्यटन विभाग के दो कर्मचारियों का भी नाम लिया और आरोप लगाया कि वे अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। कहा कि वह सभी के खिलाफ विजिलेंस में शिकायत करेंगे और कम समय में जुटाए गए सभी धन और संपत्तियों की जांच की मांग करेंगे। अगर विभाग ने कार्रवाई नहीं की तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे। जरूरत पड़ी तो कर्मचारियों के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे।

अभी भी सांसद के साथ कार्यक्रमों में नजर आते हैं रचित : मिश्रा (फोटो सहित)
रंजीत मिश्रा ने कहा कि रचित सूरी म्यूजियम में करीब छह महीने से कार्यरत हैं लेकिन अभी भी सांसद खेर के साथ उनके पीए के रूप में नजर आते हैं। उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी खुद को किरण खेर का पीए लिख रखा है। रंजीत मिश्रा ने कहा कि 24 नवंबर को चंडीगढ़ कार्निवल के उद्घाटन के मौके पर भी वह सांसद के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे और प्रशासन के अधिकारियों की ओर से दिए गए गुलदस्तों को वह सांसद से लेते नजर आए थे। हैरानी की बात है कि प्रशासन के विभाग में काम करते हुए वह दफ्तर के समय में सांसद के साथ सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे, वहां प्रशासन के तमाम अधिकारी भी मौजूद थे। रंजीत ने आरोप लगाया कि एक सरकारी कर्मचारी दफ्तर के समय में किसी राजनीतिक व्यक्ति का पीए बनकर सरकारी कार्यक्रम में कैसे जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
मैंने प्रेसवार्ता नहीं सुनी है। अगर किसी के पास कोई तथ्य है तो वह मेरे समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। मैं मामले को जरूर देखूंगा।
-हरी कल्लीकट्ट, सचिव, सांस्कृतिक विभाग चंडीगढ़
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें