खरड़। चंडीगढ़-खरड़ हाईवे पर वीरवार रात एक तेज रफ्तार कार ने पैदल सड़क पार कर रहीं तीन युवतियों को रौंद डाला। हादसे के बाद आरोपी कार चालक मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल तीनों युवतियों को एक प्रत्यक्षदर्शी ने चंडीगढ़ की ओर से आ रही एक एंबुलेंस को रोकरकर तुरंत सरकारी अस्पताल खरड़ पहुंचाया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान एक युवती की मौत हो गई। मृतका की पहचान रायपुररानी (पंचकूला) निवासी 22 वर्षीय रितिका के रूप में हुई है।रीतिका खरड़ में रह कर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) से एमसीए की पढ़ाई कर रही थी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अन्य दो युवतियां महक और मानवी सगी बहनें हैं। दोनों के पैरों की हड्डियां टूट गईं हैं। खरड़ सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रहे एएसआई बलविंदर सिंह ने बताया कि मृतका रितिका दशहरा ग्राउंड के पास रहती थी जबकि महक और मानवी गांव बकाला जिला यमुनानगर (हरियाणा) की रहने वाली हैं और रितिका की मौसेरी बहनें हैं। दोनों बहने गर्मी की छुट्टियों में रितिका के पास कुछ दिन के लिए आई थीं।
तीनों युवतियां वीरवार रात लगभग साढ़े दस बजे अपने घर से निकलकर पास में स्थित सिटी हार्ट कांप्लेक्स में एक ढाबे पर खाना खाने जा रहीं थीं। जैसे ही तीनों सड़क पार करने लगीं, चंडीगढ़ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। तेज आवाज सुनकर राहगीर जमा हो गए। मौके पर मौजूद एक निजी स्कूल के संस्थापक प्रदीप बख्शी ने चंडीगढ़ की ओर से आ रही एक खाली एंबुलेस को रोककर दो युवतियों को एंबुलेस और एक को निजी कार से सरकारी अस्पताल खरड़ पहुंचाया। तीनों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद पीजीआई रेफर किया। प्रदीप बख्शी भी युवतियों के साथ पीजीआई पहुंचे और परिजनों को इस दुर्घटना की सूचना दी। देर रात दो बजे तक युवतियों के माता-पिता अस्पताल पहुंचे। तब तक प्रदीप अस्पताल में ही थे। एएसआई बलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस के हाथ दुर्घटना में शामिल कार के कुछ पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं, जल्दी ही आरोपी कार चालक को पकड़ लिया जाएगा।