मोहाली। पंजाब में बैंक लोन धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब 14.59 करोड़ रुपये का ऋण लेकर फर्जीवाड़ा और फंड डायवर्जन करने के आरोप में पंजाब स्टेट क्राइम ब्रांच ने मैसर्स दशमेश एलॉयज और उसके साझेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (पीबीआई) की फिनट्रेस यूनिट की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
स्टेट क्राइम पुलिस के अनुसार मंडी गोबिंदगढ़ स्थित मैसर्स दशमेश एलॉयज के मालिक दिनेश जिंदल और राजेश कुमार जिंदल ने बैंक ऑफ बड़ौदा से विभिन्न उद्देश्यों के लिए कैश क्रेडिट, टर्म लोन और सरकारी गारंटी आधारित ऋण हासिल किया था। जांच में सामने आया कि लोन लेने के लिए बैंक को फर्म के स्टॉक और डेबिटर से संबंधित झूठे स्टेटमेंट जमा कराए गए। फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फर्म ने करीब 1,980 लाख रुपये का स्टॉक दिखाया, जबकि निरीक्षण के दौरान परिसर में कोई स्टॉक मौजूद नहीं था। इसके अलावा डेबिटर की रकम बैंक खाते में जमा नहीं कराई गई और फंड को अन्य बैंकों व निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि करीब 507.50 लाख रुपये की राउंड ट्रिपिंग की गई और 961 लाख रुपये से अधिक की रकम गैर-व्यावसायिक संस्थाओं को दी गई।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक, लोन खाते को एनपीए घोषित किए जाने के बाद भी आरोपियों ने सहयोग नहीं किया। मामले में सर्फेअसी एक्ट के तहत कार्रवाई और डीआरटी चंडीगढ़ में रिकवरी केस भी दायर किया गया है। बैंक ने आरोपियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें आरबीआई को फ्रॉड के रूप में रिपोर्ट किया गया। पंजाब स्टेट क्राइम पुलिस ने मैसर्स दशमेश एलॉयज दिनेश जिंदल, राजेश कुमार जिंदल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों/संभावित बैंक कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।